Explore

Search

February 3, 2026 5:43 pm

हाई कोर्ट ने कहा, वैवाहिक मामलों में पत्नी की सुविधा सर्वोपरि

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों में एक अहम फैसला सुनाते हुए पत्नी की सुविधा और परिस्थितियों को प्राथमिकता दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए दुर्ग में लंबित तीनों मामलों को कोंडागांव जिला स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता का विवाह 21 अप्रैल 2022 को नारायणपुर जिले में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद वह अपने पति के साथ चरौदा, भिलाई (जिला दुर्ग) ससुराल गईं। याचिका में आरोप लगाया गया कि, विवाह के समय माता-पिता ने पर्याप्त घरेलू सामान और आभूषण दिए इसके बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर ताने दिए जाते रहे। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पति गंभीर हृदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ति है, जिसकी जानकारी विवाह से पूर्व छिपाई गई। 6 अक्टूबर 2023 को पति व उसके परिजनों ने मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर ससुराल से निकाल दिया। इसके बाद वह अपने मायके नारायणपुर में रहने लगी। याचिकाकर्ता द्वारा भरण-पोषण का आवेदन, घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत प्रकरण दायर किया गया जो दुर्ग में लंबित था। वहीं पति ने दांपत्य अधिकारों की पुनस्थापना के लिए वाद दायर किया था।हाईकोर्ट ने कहा कि, वैवाहिक मामलों में स्थानांतरण याचिका पर निर्णय लेते समय पत्नी की सुविधा
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि, वह बेरोजगार गृहिणी हैं, आय का कोई साधन नहीं है, पति पोल्ट्री व्यवसाय से लगभग 60 हजार रुपए मासिक आय अर्जित करता है। याचिकाकर्ता की माता कैंसर मरीज हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। न्यायालय को यह भी बताया गया कि, नारायणपुर से दुर्ग की दूरी लगभग 195 किमी है। हर पेशी पर दुर्ग जाना आर्थिक व शारीरिक रूप से अत्यंत कठिन है। निजी वाहन का किराया लगभग 6 हजार रुपये पड़ता है, ट्रेन सेवाएं भी अनियमित हैं। हाईकोर्ट ने तीनों मामलों को कोंडागांव जिला स्थित संबंधित न्यायालयों में स्थानांतरित करने के आदेश दि

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS