
“राष्ट्रीय शिक्षा नीति के छह वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित त्रिदिवसीय प्रदर्शनी का दूसरे दिन शिक्षकों और छात्रों ने किया अवलोकन”
CBN36 वर्धा, 05 अगस्त 2026। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के स्वामी सहजानंद सरस्वती संग्रहालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026’ के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित त्रिदिवसीय प्रदर्शनी के दूसरे दिन बड़ी संख्या में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
वर्धा के रमाबाई देशमुख पब्लिक स्कूल की शिक्षिकाएं आरती महाजन, रीना अम्बुलकर और संदीप दरने के साथ 115 विद्यार्थियों (47 छात्राएं एवं 68 छात्र) ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया। इसके अलावा राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा से पूजा लोहिया, नाहिद शेख, निरूता कोसम, रेमी, पेले और एसे सहित विश्वविद्यालय के डॉ. अंजनी राय, डॉ. सीमा बर्गट, पूनम कुमारी, शिक्षा यादव, विद्यानंद कुमार, बलवंत कुमार, राहुल एवं अतुल अवथरे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
संग्रहालय के प्रभारी डॉ. अमित विश्वास ने आगंतुकों को संग्रहालय में संरक्षित हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक ग्रंथों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में 19वीं सदी से अब तक की ऐतिहासिक महत्व की पत्रिकाएं एवं पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, जिनका अध्ययन साहित्य और इतिहास के जीवंत स्वरूप से परिचित कराता है।
प्रदर्शनी में तुलसीदास रचित हनुमान बाहुक, विजय दोहावली, विनयपत्रिका सटीक, षोड्श रामायण, कुंडलिया रामायण सहित अनेक दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया गया है। इन साहित्यिक धरोहरों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार का संदेश दिया जा रहा है।
प्रदर्शनी के सफल संचालन में सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिर्बाण घोष, जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, हर्ष आनंद, शिया, प्रियांशु एवं नयन आड़े ने सहयोग प्रदान किया।
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