
कैदियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का ऐलान, डीजी ने खुद ली अंग्रेजी की क्लास
CBN36 बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में हाल ही में दोहरे हत्याकांड के एक बंदी द्वारा गैस भट्टी में कूदकर आत्महत्या किए जाने के बाद जेल प्रबंधन पर उठे सवालों के बीच जेल महानिदेशक डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की, कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा जेल के आधुनिकीकरण और बंदियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को स्वीकृति दी।
निरीक्षण के दौरान डीजी जेल ने एक अलग पहल करते हुए स्वयं कैदियों की अंग्रेजी की कक्षा ली। उन्होंने बंदियों को भाषा सीखने के महत्व पर जोर देते हुए पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया और अंग्रेजी सुधार के व्यावहारिक सुझाव भी दिए। इसके बाद उन्होंने कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जेल में रोजगारोन्मुख गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन तथा एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट निर्माण इकाई स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड लगाने और जेल पुस्तकालय में प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा बंदियों के लिए 20 आरओ वाटर प्यूरीफायर, रसोई में ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन, 2,000 नए थाली सेट तथा महिला जेल परिसर के लिए इन्वर्टर की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी जेल एस.एस. तिग्गा, जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेल चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
हालांकि, यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले केंद्रीय जेल में दोहरे हत्याकांड के एक बंदी द्वारा गैस भट्टी में कूदकर आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। ऐसे में डीजी जेल का यह दौरा व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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