“रेल मदद पर शिकायत मिलते ही हरकत में आया मैकेनिकल विभाग, एस-ट्रैप से सुरक्षित निकाली अंगूठी; यात्री ने कर्मचारियों की ईमानदारी और तत्परता की सराहना”
CBN36 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्री सेवा और त्वरित शिकायत निवारण का एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है। बिलासपुर–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बायो-टॉयलेट में गिरी करीब तीन लाख रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी को रेलवे के मैकेनिकल विभाग ने तकनीकी दक्षता और सूझबूझ से सुरक्षित बरामद कर उसके वास्तविक स्वामी को लौटा दिया।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 20845 के एम-1 कोच की लैवेटरी का उपयोग करते समय यात्री मुकेश पालीवाल की सोने की अंगूठी अनजाने में बायो-टॉयलेट में गिर गई। इसके बाद उन्होंने तत्काल रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही ट्रेन के बिलासपुर पहुंचने पर संबंधित कोच को कोचिंग डिपो में अनुरक्षण के लिए लिया गया। मैकेनिकल विभाग की बायो-टॉयलेट मेंटेनेंस टीम ने विशेष सावधानी के साथ टैंक खोलकर जांच शुरू की। कर्मचारियों हेमंत रजक, महेंद्र भार्गव और मनोज ने कड़ी मशक्कत के बाद एस-ट्रैप से अंगूठी सुरक्षित निकाल ली।
इसके बाद आरपीएफ और मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अंगूठी उसके वास्तविक स्वामी मुकेश पालीवाल को सौंप दी गई।
बहुमूल्य अंगूठी वापस मिलने पर यात्री ने रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी, तत्परता और समर्पण की सराहना करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का आभार जताया।
यह घटना रेल मदद पर दर्ज शिकायतों के त्वरित समाधान, विभागीय समन्वय और यात्रियों के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता का उदाहरण मानी जा रही है।
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