बिलासपुर, 22 मार्च 2026।कहते हैं कि खेती में सही समय पर लिया गया निर्णय और आधुनिक तकनीक का उपयोग किसान की तकदीर बदल सकता है। तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम कपसिया कला के किसान हेतराम मनहर ने इसे सच साबित किया है। पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर उन्होंने केला उत्पादन अपनाया और आज लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री मनहर ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत केला (जी-9 किस्म) की खेती शुरू की। विभाग से मिली उन्नत पौध सामग्री, तकनीकी सहयोग और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उन्होंने लगभग 0.900 हेक्टेयर क्षेत्र में केला फसल का रोपण किया।
सही देखभाल और आधुनिक तकनीकों के चलते उन्हें लगभग 510 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल में करीब 1.70 लाख रुपये की लागत आई, जबकि 4 से 5 लाख रुपये तक की आय हुई। यह आय पारंपरिक धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।
केला उत्पादन से हुई अतिरिक्त आमदनी ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। अब वे बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों पर बेहतर खर्च कर पा रहे हैं।
हेतराम मनहर की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह उदाहरण दर्शाता है कि फसल परिवर्तन और आधुनिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
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