छत्तीसगढ़,बिलासपुर।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता कई बीमारियों को जन्म दे रही है। ऐसे समय में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवनशैली बनकर उभरा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में कलेक्टर आईएएस संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी आईपीएस रजनेश सिंह ने सहभागिता कर नागरिकों को योग अपनाने का प्रेरक संदेश दिया।
सुबह की ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा के बीच आयोजित योग सत्र में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त करता है।
वहीं एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस जैसी चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण सेवा में कार्यरत लोगों के लिए योग विशेष रूप से लाभकारी है। योग मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है, तनाव कम करता है और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालने की अपील की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और तनाव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कलेक्टर अग्रवाल और एसएसपी सिंह की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए, क्योंकि योगमय जीवन ही निरोगी जीवन का आधार है।
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