रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने महिला की पहचान छिपाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जून को मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिला था। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान भी पाए गए थे। मामले में पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मृतका की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने मृतका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी दौरान जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी दो युवक रायगढ़ पहुंचे और शव तथा बरामद कपड़ों की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60) के रूप में की। उन्होंने बताया कि उनकी मां पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का काम करती थी।
जांच के दौरान पुलिस को लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले इमिलीयूस तिग्गा और मृतका के साथ रहने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी इमिलीयूस तिग्गा ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से क्षेत्र के एक उद्योग में मजदूरी कर रहा था। करीब तीन महीने पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे और वे पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, मृतका को आरोपी पर दूसरी पत्नी रखने का शक था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जून को दोनों तमनार क्षेत्र में महुआ के पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में आरोपी ने महिला की साड़ी से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया। बाद में पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर शव को दूसरी जगह ले गया और पहचान मिटाने के उद्देश्य से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े, पेट्रोल की बोतल और माचिस बरामद की है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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