दुर्ग। पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06 में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान वर्ष 2024 एवं उससे पूर्व के लंबित अपराधों, गंभीर प्रकरणों, फरार आरोपियों, निगरानी बदमाशों और लंबित विवेचनाओं की थाना-वार समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बीएनएसएस की धारा 193(8) के तहत लंबित पूरक विवेचनाओं का समयबद्ध निराकरण कर न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल और अन्य शिकायत निवारण माध्यमों में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण जवाब प्रस्तुत करने तथा शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही ई-साक्ष्य (ई-साक्ष्य) प्रणाली के तहत डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, अपलोडिंग और उपयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को घटनास्थल निरीक्षण और तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मालखाना प्रबंधन, भौतिक सत्यापन, न्यायालयीन आदेशानुसार नष्टीकरण योग्य संपत्तियों के समयबद्ध नष्टीकरण और अभिलेखों के संधारण की भी समीक्षा की गई। सभी राजपत्रित अधिकारियों को अधीनस्थ थानों के मालखानों का नियमित निरीक्षण और सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात प्रबंधन बेहतर बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा एएसआई प्रशिक्षण कार्यक्रम, बल प्रबंधन, अवकाश सूचना प्रणाली, रिकॉर्ड संधारण और विभागीय अनुशासन से जुड़े विषयों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सभी थाना प्रभारियों को लंबित अपराधों और विवेचनाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा आदतन एवं निगरानी बदमाशों पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण, ई-साक्ष्य प्रणाली के प्रभावी उपयोग, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, जनसंवाद और महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र के मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
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