बिलासपुर, 17 अप्रैल। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बेलतरा क्षेत्र में हाल के समय में कई गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और खनन माफियाओं का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, जबकि जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है।
गौरहा ने एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष पर अपने ही पार्टी के पार्षद के खिलाफ साजिश रचने और लूट की घटना में संलिप्तता के आरोप लगे थे। इसके अलावा पेंडरवा हत्याकांड में भी आरोपियों के सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने की बातें सामने आई हैं, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
पेंडरवा हत्याकांड पर उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि ग्राम पेंडरवा में हुआ हत्याकांड अत्यंत भयावह था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। आरोप है कि इस घटना में छोटे बच्चों के साथ भी क्रूरता की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़ित परिवार घटना से एक दिन पहले थाने में शिकायत दर्ज कराने गया था, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।
गौरहा ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद क्षेत्रीय विधायक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं की। इसके बाद कथित मुख्य आरोपी उमेश श्रीवास के साथ विधायक की एक तस्वीर सामने आने से मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
अवैध खनन पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने अवैध खनन के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सरवन देवरी में रेत खदान के दौरान एक 17 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई, लेकिन इसके बावजूद अगले ही दिन लोफंदी और बैमा क्षेत्रों में अवैध खनन जारी रहा।
उन्होंने कहा कि एक ग्रामीण की मौत के बाद भी अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे प्रश्न
गौरहा ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते अपराध, हत्याकांड और अवैध खनन की घटनाएं कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती हैं। उन्होंने मांग की कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून का राज स्थापित हो सके।
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