
“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कोयला चोरी और उसमें मिलावट से जुड़े इस प्रकरण में फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
छत्तीसगढ़,बिलासपुर। जिले में कोयला चोरी और उसमें मिलावट करने वाले कथित गिरोह के खिलाफ सकरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अजय कुमार सिंह (36) को कोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
लैब जांच में सामने आई थी गड़बड़ी
पुलिस के अनुसार, 10 जून 2026 को आर.के. पाण्डेय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दीपका कोल माइंस से मंगाया गया एफ-जी ग्रेड का कोयला निर्धारित गुणवत्ता का नहीं मिला। कोयले की लैब जांच कराई गई, जिसमें नमूना तय ग्रेड के अनुरूप नहीं पाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि ट्रेलर चालकों और प्लांट के कुछ सुपरवाइजरों ने कथित रूप से मिलीभगत कर रास्ते में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की चोरी की और उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला भर दिया। इससे खरीदार को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
पहले छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

मामले की जांच के दौरान पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है। हालांकि, इस कथित रैकेट का मास्टरमाइंड बताए जा रहे अजय कुमार सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
सकरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कोनी इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह के अन्य संबंधों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजय सिंह से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और इसके तार किन अन्य लोगों या संगठित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच के दौरान कोयला चोरी और मिलावट से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
एसएसपी ने क्या कहा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कोयला चोरी और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस प्रकरण में फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जांच के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 116(3), 117(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
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