रायपुर, 21 मार्च 2026।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 तथा छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण और लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि ये विधेयक सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम पहल हैं।

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर इन विधेयकों के पारित होने पर उनका सम्मान किया और आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 प्रदेश की परंपराओं और मूल्यों की सुरक्षा के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में लंबे समय से अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त कानून की मांग की जा रही थी, जिसके अनुरूप यह विधेयक पारित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पा रहा था।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के धर्मांतरण विरोधी अभियान को श्रद्धांजलि के रूप में भी उल्लेखित किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 पारित किया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही, परीक्षाओं में अनियमितताओं और नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से ‘लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026’ भी पारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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