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January 19, 2026 3:48 pm

सहायक अनुसंधान अधिकारी के डिमोशन आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

बिलासपुर. आदिम जाति विकास विभाग रायपुर में सहायक अनुसंधान अधिकारी के पद पर पदस्थ मीनाक्षी भगत को छत्तीसगढ़ शासन के आदेश 31 दिसंबर 2025 के तहत सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर डिमोशन आदेश पर हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी किया है.

मीनाक्षी भगत की नियुक्ति सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर वर्ष 2008 में हुई थी, विभाग द्वारा जारी वरिष्ठता सूची में मीनाक्षी भगत का नाम वरीयता क्रम में प्रथम होने के कारण विभागीय पदोन्नति समिति ने मीनाक्षी भगत को उपयुक्त पाए हुए पदोन्नति की अनुशंसा की गई थी, जिसके आधार पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा दिसंबर 2022 में मीनाक्षी भगत की पदोन्नति सहायक अनुसंधान अधिकारी के पद पर किया गया था, विभाग के अन्य अनुसंधान सहायको द्वारा हाई कोर्ट में मीनाक्षी भगत के प्रमोशन तथा विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा को चुमोती देते हुए याचिका दायर की थी. विभाग के समक्ष सामूहिक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था.
विभाग ने प्रस्तुत अभ्यावेदन का परीक्षण उपरांत पाया कि वर्ष 2016 एवं 2020 में विभाग द्वारा सहायक अनुसंधान अधिकारी/सहायकनियोजन अधिकारी/सहायक सांख्यिकी अधिकारी हेतु संयुक्त सूची तैयार किया गया था. दोनों संवर्ग की संयुक्त सूची तैयार कर अधिकारियों का चयन किया गया था . संयुक्त सूची तैयार करते हुए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक 11 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई. विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा उक्त बैठक में समिति द्वारा मीनाक्षी भगत के नाम पर विचार करते हुए संवर्ग में पद रिक्त नहीं होने से अनुशंसा नहीं पद नहीं होने के कारण सहायक अनुसंधान अधिकारी से सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर डिमोशन किया जाना है. राज्य शासन के द्वारा विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक की अनुक्रम में मीनाक्षी भगत को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर डिमोशन किया जाता है का आदेश पारित किया गया, इसे चुनौती देते हुए मीनाक्षी भगत ने हाई कोर्ट अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की. याचिका की सुनवाई जस्टिस पी.पी.साहू के कोर्ट में हुई . याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने कहा कि, याचिकाकर्ता मीनाक्षी भगत का प्रमोशन सहायक अनुसंधान अधिकारी के पद पर दिसंबर 2022 में हुई थी. तब से लेकर आज तक वह इस पद में नियमित रूप से कार्य करते हुए आ रही थी, किंतु विभाग द्वारा बिना कोई सूचना की डिमोशन किया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है. उपरोक्त आधारों पर कोर्ट ने आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी डिमोशन आदेश 31 दिसंबर 2025 के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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