
“एसएसपी मुंगेली आईपीएस भोजराम पटेल की अगुवाई में डायल-112 सेवा लगातार त्वरित एवं मानवीय पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है,यह प्रयास केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में पुलिस आमजन के साथ खड़ी है”
CBN36 मुंगेली ।सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर कुछ मिनटों की देरी भी किसी व्यक्ति के जीवन पर भारी पड़ सकती है। लेकिन जब पुलिस समय के साथ दौड़ लगाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देती है, तब वही कुछ मिनट किसी की जिंदगी बचाने का कारण बन जाते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण मुंगेली जिले में देखने को मिला, जहां डायल-112 टीम ने महज दो मिनट में घटनास्थल पर पहुंचकर घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया और समय पर उपचार सुनिश्चित कराया।
एसएसपी मुंगेली आईपीएस भोजराम पटेल के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में जिले में डायल-112 सेवा लगातार त्वरित एवं मानवीय पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
26 जुलाई 2026 को दोपहर 12:56 बजे डायल-112 को सूचना मिली कि सरगांव के सल्फा चौक के पास एक युवक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हुई और लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय कर मात्र दो मिनट में मौके पर पहुंच गई।

घायल युवक ने अपना नाम बसंत पाटले (28 वर्ष), निवासी सेवती, बिल्हा, जिला बिलासपुर बताया। उसने बताया कि वह अपने ससुर के साथ मोटरसाइकिल से बिल्हा से संबलपुर स्थित अपने ससुराल जा रहा था। रास्ते में अचानक उसे दौरा आने से मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना में उसके सिर, आंख के ऊपर तथा पैर में चोटें आई थीं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 टीम ने तत्काल घायल को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरगांव पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका तत्काल उपचार प्रारंभ किया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी और संभावित गंभीर स्थिति को टाला जा सका।
इस सराहनीय कार्य में डायल-112 के आरक्षक 429 सूरज कुमार धुरी तथा चालक साहेब लाल नवरंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने तत्परता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
आम जनता का कहना है मुंगेली पुलिस का यह प्रयास केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में पुलिस आमजन के साथ खड़ी है। डायल-112 सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर मिली सहायता किसी के जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकती है।
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