
पर्युषण के पहले दिन धर्म आराधना, तप और संयम का संदेश
CBN 36, बिलासपुर। जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का मंगलवार से विधिवत शुभारंभ हुआ। महापर्व के पहले दिन शहर के विभिन्न जैन समाजों में धार्मिक आयोजनों की धूम रही। श्रद्धालुओं ने तप, त्याग, संयम और धर्म आराधना के माध्यम से आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। वैशाली नगर में तेरापंथ समाज की ओर से प्रवचन एवं धर्मचर्चा, नेहरू नगर में श्वेतांबर समाज द्वारा कल्पसूत्र वाचन एवं धार्मिक प्रतियोगिता तथा टिकरापारा स्थित जैन भवन में भक्तांबर स्तोत्र पाठ और तपस्वियों की सेवा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नेहरू नगर: श्वेतांबर समाज की ओर से अस्थायी मंदिर में भगवान की स्थापना कर विधि-विधान से पूजन, पक्षाल पूजा एवं प्रार्थना की गई। सामूहिक जाप और दादा गुरुदेव इकतीसा पाठ के बाद विशेष आरती हुई। ज्योति चोपड़ा एवं शोभा मेहता ने कल्पसूत्र का वाचन किया। रात्रि में भक्ति, वंदना और स्तवन के साथ धार्मिक संगीत संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
टिकरापारा: अहमदाबाद से पहुंचीं मीना बेन, राजू बेन एवं मिशी बेन के मार्गदर्शन में भक्तांबर स्तोत्र का पाठ एवं धार्मिक व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने मनुष्य जन्म और विशेष रूप से जैन धर्म में जन्म को दुर्लभ बताते हुए कहा कि पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन और पापकर्मों की निर्जरा का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं को तप, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
वैशाली नगर: हुल्लास चंद गोलछा के निवास पर उपासिका लक्ष्मी मेहता एवं भाग्यश्री सूर्या के सानिध्य में पर्युषण महापर्व की शुरुआत हुई। पहले दिन खाद्य-संयम दिवस मनाया गया। समाजजनों ने चौविहार उपवास, उपवास, एकाशन तथा सीमित द्रव्यों के सेवन जैसे विभिन्न तप एवं संयम के नियमों का पालन किया। उपासिकाओं ने साधना, आत्मसंयम और त्याग के माध्यम से मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पर्युषण महापर्व के शुभारंभ के साथ ही जैन समाज में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, तप-साधना और आत्मचिंतन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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