साइबर अपराधों पर विशेष फोकस,स्मार्ट पुलिसिंग और जनजागरूकता पर जोर
मुंगेली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने जिले में लंबित अपराध, शिकायत, मर्ग प्रकरणों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए थाना एवं चौकी प्रभारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिला अपराध, गुमशुदा बालक-बालिकाओं से जुड़े मामलों तथा साइबर ठगी की शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के संवाद कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसएसपी ने हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, नकबजनी और झपटमारी जैसे गंभीर अपराधों की समीक्षा की। साथ ही लंबित विवेचनाओं और मर्ग प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में वैधानिक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि थानों में प्राप्त शिकायतों का सात दिन के भीतर तथा पूर्व से लंबित शिकायतों का 15 दिन के भीतर निराकरण किया जाए। थाना परिसरों और मालखानों की साफ-सफाई तथा अभिलेखों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर कानून व्यवस्था की निगरानी करने और लंबित मामलों की सतत समीक्षा करने को कहा गया।
ऑपरेशन मुस्कान की समीक्षा
बैठक में गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने अभियान में तेजी लाने, बरामद बच्चों को सकुशल परिजनों को सौंपने तथा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट पुलिसिंग और जनजागरूकता पर जोर

एसएसपी ने बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आमजन से संवेदनशील और मानवीय व्यवहार रखने, नशे के दुष्प्रभावों, यातायात नियमों के पालन और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
साइबर अपराधों पर विशेष फोकस

बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई। एसएसपी ने थाना एवं चौकी स्तर पर स्कूली छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों के बीच साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि जीआरएम (ग्रिवेंस रिड्रेसल मॉड्यूल) के माध्यम से फ्रीज खातों को ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अनफ्रीज कराने में सहायता मिल सकती है, जबकि एमआरएम (मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल) के जरिए साइबर ठगी की रोकी गई राशि पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को भी गति दी जा सकती है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह, रक्षित निरीक्षक, जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, शाखा प्रभारी तथा यातायात प्रभारी उपस्थित रहे।
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