“संवेदनशील नेतृत्व का अनूठा उदाहरण,दोस्ताना अंदाज में युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह,हजारों लोग देख और साझा कर रहे हैं वीडियो”
छत्तीसगढ़,बिलासपुर। मेरे उम्र के नौजवानों, दिल न लगाना ओ दीवानों…इन दिनों यह गीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि इस गीत और संदेश के केंद्र में हैं बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी आईपीएस रजनेश सिंह जिन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए एक अनूठी और रचनात्मक पहल की है।
नशा मुक्त भारत सप्ताह 17 जून से 26 जून के तहत एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने जन-जागरूकता का ऐसा अभियान शुरू किया है, जो सीधे युवाओं के दिलों तक पहुंच रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एसएसपी रजनेश सिंह का संदेश युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है।
आज के दौर में जब नशे की समस्या समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है, तब एसएसपी रजनेश सिंह ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक जागरूकता की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता और संवाद से भी जीती जा सकती है।
जब पुलिस ने अपनाया दोस्ताना अंदाज

आमतौर पर पुलिस की छवि सख्ती और कार्रवाई से जुड़ी होती है, लेकिन एसएसपी रजनेश सिंह की इस पहल ने पुलिस का एक संवेदनशील और सकारात्मक चेहरा सामने रखा है। वीडियो में प्रयुक्त गीत और भावनात्मक प्रस्तुति युवाओं को उपदेश नहीं देती, बल्कि एक दोस्त की तरह समझाती है कि नशा जीवन को बर्बादी की ओर ले जाता है।
यही कारण है कि सोशल मीडिया पर हजारों लोग इस वीडियो को देख और साझा कर रहे हैं। युवाओं की प्रतिक्रियाओं में भी यह बात सामने आई है कि पुलिस का यह संदेश उन्हें प्रेरित करने वाला और दिल को छू लेने वाला लगा।
युवा जागेगा, भारत जीतेगा का संदेश

एसएसपी रजनेश सिंह की अगुवाई में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। अभियान के तहत जनसंवाद, जागरूकता कार्यक्रम रैलियां और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
आम लोगों का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज, परिवार, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। ऐसे में पुलिस द्वारा अपनाया गया यह रचनात्मक और मानवीय तरीका लोगों को सोचने और जागरूक होने के लिए प्रेरित कर रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरक संदेश

नशा किसी भी युवा के सपनों, करियर और परिवार की खुशियों को छीन सकता है। एसएसपी रजनेश सिंह का यह संदेश युवाओं से आह्वान करता है कि वे नशे से नहीं, बल्कि अपने सपनों, शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से दिल लगाएं।
बिलासपुर पुलिस का यह प्रयास साबित करता है कि जब नेतृत्व संवेदनशील सोच के साथ समाज के बीच उतरता है, तो उसका संदेश केवल सुनाई नहीं देता, बल्कि लोगों के दिलों में जगह भी बनाता है।

आज सोशल मीडिया पर गूंज रहा यह संदेश केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन की शुरुआत है।
नशे से दिल न लगाना यारों…
इसके पीछे है एसएसपी रजनेश सिंह की वह सोच, जो युवाओं को नशामुक्त, जागरूक और सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित कर रही है।युवा जागेगा, तभी भारत जीतेगा।
प्रधान संपादक


