“मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उपेक्षापूर्ण आचरण मानते हुए सीएसपी सिविल लाइन को पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश”

छत्तीसगढ। नाबालिग से जुड़े संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर बिलासपुर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। सिरगिट्टी थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र लाइन अटैच कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है।
जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 383/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2), 65(2), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2), 5(ठ) और 5(ड) के तहत मामला दर्ज है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में विशेष सावधानी अपेक्षित थी।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक थाना प्रभारी स्तर पर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि मामले में घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया गया और आवश्यक भौतिक साक्ष्यों के संकलन में भी गंभीर उपेक्षा बरती गई।

इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट की सहायता लेना अनिवार्य है, लेकिन संबंधित अधिकारी द्वारा तकनीकी टीम को भी मौके पर नहीं बुलाया गया।
सात दिन में मांगी गई रिपोर्ट
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उपेक्षापूर्ण आचरण माना है। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक, सिविल लाइन को पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
कई अधिकारियों के तबादले
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस विभाग में कुछ अन्य पदस्थापनाएं की है निरीक्षक वाय.पी. सिंह को जिला विशेष शाखा से स्थानांतरित कर सिरगिट्टी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

निरीक्षक कमला पुसाम को रक्षित केंद्र से पचपेड़ी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उप निरीक्षक राज सिंह को पचपेड़ी से स्थानांतरित कर सिरगिट्टी थाने में पदस्थ किया गया है।

एसएसपी सिंह की इस कार्रवाई को जहाँ पुलिस विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं विशेष रूप से महिला एवं बाल अपराधों जैसे संवेदनशील मामलों में जांच संबंधी मानकों की अनदेखी को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है। अब प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।एसएसपी रजनेश सिंह का यह एक्शन उन पुलिस अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है, जो संवेदनशील मामलों में कार्यप्रणाली के प्रति गंभीर नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि इस जांच के बाद निरीक्षक अभय सिंह बैस पर आगे क्या विभागीय कार्रवाई होती है।
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