
“एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने कहा यह एक संगठित गिरोह है, जिसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना पहली प्राथमिकता ,पुलिस रिकॉर्ड खंगालकर इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा,ऑनलाइन सट्टा गिरोह के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है”

छत्तीसगढ़ ।बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग सट्टा के संगठित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 45 लाख मूल्य की संपत्ति, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक दस्तावेज एवं 6.90 लाख नगद जब्त किए गए हैं।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर आईपीएस रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “प्रहार” के तहत ए.सी.सी.यू. सायबर सेल एवं सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
रिक्की पैनल से चलता था पैन इंडिया सट्टा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी “रिक्की” पैनल के माध्यम से Aviator, Wingo, Casino जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सट्टा संचालित कर रहे थे। यह नेटवर्क पैन इंडिया स्तर पर सक्रिय था, जिसमें टेलीग्राम व व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को जोड़कर उन्हें लिंक उपलब्ध कराया जाता था।
सट्टा संचालन में मुनाफे का 65% हिस्सा हेड ऑफिस और 35% हिस्सा स्थानीय ब्रांच को दिया जाता था। लेन-देन के लिए फर्जी सिम कार्ड एवं बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
फरार आरोपी पर था इनाम, रायपुर से दबोचा गया

मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज (34) निवासी मोपका, बिलासपुर, जो लंबे समय से फरार था और जिस पर ₹5000 का इनाम घोषित था, उसे रायपुर में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। आरोपी लगातार ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
आरोपियों की पहचान

1. राजेश उर्फ राजा बजाज, उम्र 34 वर्ष, निवासी मोपका, बिलासपुर
2. प्रदीप खत्री, उम्र 34 वर्ष, निवासी मंगला, बिलासपुर
(पूर्व में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी 21 दिसंबर 2025 को की जा चुकी है)
भारी मात्रा में जप्ती

पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप एवं महंगे मोबाइल फोन (आईफोन 16 प्रो, 17 प्रो, सैमसंग S25 अल्ट्रा) 05 बैंक पासबुक एवं 05 चेकबुक विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड 02 रजिस्टर, जिनमें लाखों रुपये के सट्टा लेन-देन का हिसाब दर्ज वाहन (होंडा सिटी, ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, एक्टिवा) नकद 6,90,000 शामिल हैं ।
करोड़ों के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू
प्राथमिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इन खातों की विस्तृत जांच कर रही है और अवैध कमाई से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी
एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने कहा कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालकर इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने रिमांड की मांग की थी, हालांकि न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आवश्यकतानुसार आगे पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जाएगी।बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई से ऑनलाइन सट्टा गिरोह के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
प्रधान संपादक


