लालबाग परेड ग्राउंड सहित पूरे बस्तर में उत्साहपूर्ण समारोह

संवैधानिक मूल्यों, विश्वास और लोकतांत्रिक सहभागिता को नई मजबूती

सुरक्षा शिविरों से बढ़ा जनविश्वास, मजबूत हुई शासन व्यवस्था

छत्तीसगढ़ जगदलपुर।गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर बस्तर रेंज में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों के 41 ऐसे गांवों में पहली बार राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस का आयोजन किया गया, जो दशकों तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं।
इन गांवों में आयोजित समारोहों में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और संविधान, लोकतंत्र तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। लंबे समय तक हिंसा और असुरक्षा के साये में रहे इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय पर्व का आयोजन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सुदृढ़ होने का संकेत माना जा रहा है।

बस्तर रेंज के अन्य हिस्सों में भी गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में प्रशासन, पुलिस बल और नागरिकों की भागीदारी रही।
विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि बस्तर रेंज के सभी जिलों में संचालित पुनर्वास केंद्रों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों ने भी गणतंत्र दिवस समारोहों में भाग लिया। यह सहभागिता उनके पुनर्वास, विश्वास की पुनर्स्थापना और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का प्रतीक मानी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार हाल के महीनों में स्थापित सुरक्षा शिविरों से क्षेत्र में जनविश्वास बढ़ा है, शासन व्यवस्था मजबूत हुई है और स्थानीय समुदायों की भागीदारी में वृद्धि हुई है। सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और जनसहयोग से बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण में सुधार दर्ज किया गया है
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह शांति, विश्वास और समावेशी विकास के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये आयोजन लोकतंत्र विधि के शासन और सौहार्द की विजय को दर्शाते हैं तथा प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, विकास और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए बस्तर रेंज पुलिस की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करते हैं।
प्रधान संपादक


