बिलासपुर। बोदरी नगर पंचायत में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर पंचायत की सीएमओ भारती साहू और उनके बाबू सुरेश सीहोरे को मकान का नक्शा पास कराने के एवज में 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार की दोपहर नगर पंचायत कार्यालय बोदरी में की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।एसीबी/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे व्यापक ट्रैप अभियान के तहत यह कार्रवाई एसीबी इकाई बिलासपुर द्वारा की गई।

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा के नूतन चौक निवासी वेदराम निर्मलकर ने 12 दिसंबर को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने बोदरी स्थित अपनी जमीन पर मकान निर्माण के लिए नगर पंचायत में नक्शा पास कराने के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि नक्शा पास करने के एवज में कार्यालय के बाबू सुरेश सीहोरे ने उनसे 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तथा 47 हजार 257 रुपये अन्य वैधानिक शुल्क जमा करने के लिए कहा। इसके अलावा अलग से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

पीड़ित वेदराम निर्मलकर ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान प्रार्थी की बाबू सुरेश सीहोरे और सीएमओ भारती साहू से बातचीत कराई गई, जिसमें रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों आरोपियों के बीच मोलभाव हुआ और 15 हजार रुपये की जगह 12 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमति बनी। एसीबी ने इसके बाद ट्रैप की योजना तैयार की। बुधवार को वेदराम द्वारा 12 हजार रुपये की व्यवस्था की गई और योजना के तहत उसे नगर पंचायत कार्यालय भेजा गया। जैसे ही बाबू सुरेश सीहोरे ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से आसपास तैनात एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाबू सुरेश सीहोरे और सीएमओ भारती साहू को मौके पर ही पकड़ लिया। रिश्वत की पूरी राशि 12 हजार रुपये बाबू सुरेश सीहोरे के पास से बरामद कर ली गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से नगर पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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