दो माह से उलझी गुत्थी सुलझी, ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट से जांच को मिली दिशा
CBN36 जांजगीर-चांपा। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसला में युवक अमित भंडारी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग सामने आया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल छोटा फावड़ा और शव को दूसरी जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की गई है।
एसपी आईपीएस विजय पांडेय के अनुसार 27 जून की रात अमित भंडारी अपने घर से निकला था। 29 जून की सुबह उसका शव गांव के ही अमहदा तालाब के पास एक सुनसान बाड़ी में मिला था। हत्या की गुत्थी करीब दो माह से पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई थी। पुलिस ने शुरुआत से ही मामले के विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की।
जांच में मृतक अमित के गांव की ही युवती संतोषी सिंह से प्रेम प्रसंग के अलावा गांव में रात के समय होने वाले जुआ-शराब जैसी गतिविधियों से जुड़े असामाजिक तत्वों की भूमिका और पिछले ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद को भी शामिल किया गया।
एसआईटी ने 200 से ज्यादा टावर डंप खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान विजय पाण्डे ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर जांच तेज कराई। टीम ने 200 से अधिक टावर डंप, सीडीआर, आईपीडीआर और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। संदिग्धों की घटना के समय की लोकेशन, जीपीएस, घटना का उद्देश्य और वारदात के बाद की गतिविधियों को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान बिलासपुर से लाई गई सात वर्ष से अधिक अनुभवी प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की भी मदद ली गई। पुलिस ने घटना स्थल का री-क्रिएशन कराया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुनर्विश्लेषण भी किया। इसके साथ एलवीए, ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी फोरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
रात डेढ़ बजे तक फोन पर हुई बातचीत
जांच में सामने आया कि अमित और संतोषी के बीच विवाह से पहले से प्रेम प्रसंग था। विवाह के बाद भी दोनों फोन पर बातचीत करते थे। घटना वाली रात भी दोनों ने करीब रात डेढ़ बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद करीब ढाई बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।
इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे कुछ आवाजें सुनकर वह वहां पहुंचा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर विवाद करने लगा। मारपीट के दौरान अमित का सिर पीछे दीवार से टकराया, जिससे वहां खून का निशान बन गया।
पुलिस के मुताबिक अमित जान बचाकर भागने के लिए दीवार फांदने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े (रापा) से अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
बहन ने देखी वारदात, शव छिपाने में की मदद
हत्या के बाद बजरंग सिंह ने घबराकर अमित के शव को बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार पूरी घटना संतोषी सिंह ने देखी थी और उसने शव छिपाने में भी मदद की।
अगले दिन 28 जून को बजरंग का बड़ा भाई पप्पू सिंह काम से गांव लौटा। बजरंग ने उसे पूरी घटना बताकर सहयोग करने को कहा। इसके बाद दोनों ने मिलकर अमित के परिजनों के साथ उसकी तलाश करने का नाटक किया और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल 112 पहुंची हुई थी। गांव में लोगों के जागने के कारण आरोपियों को शव कहीं और ले जाने पर पकड़े जाने का डर था। बाद में 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर दोनों ने अमित के शव को गांव के बीच ऐसी जगह रख दिया, जहां पुलिस को उन पर संदेह न हो।
पूछताछ में टूटे, कबूला अपराध

29 जून को शव मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में ट्रैकर डॉग से मिले सुराग, आरोपियों की लोकेशन, घटना के बाद उनका संदिग्ध व्यवहार और पूछताछ में बार-बार बदलते बयानों को जोड़कर पुलिस ने कड़ियां मिलाईं।
नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग के जरिए जांच को आगे बढ़ाने के बाद संदिग्धों से दोबारा सख्ती से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा/रापा और शव को ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की गई।
पुलिस ने बजरंग सिंह क्षत्रिय, संतोषी सिंह क्षत्रिय और पप्पू सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर फोरेंसिक जांच की आधुनिक तकनीकों से परीक्षण कराया जाएगा।
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