सात साल से 4C एयरपोर्ट और चारों महानगरों के लिए सीधी उड़ान की मांग, अब तक अधूरी हैं उम्मीदें
Cbn36 बिलासपुर, 7 नवंबर। बिलासपुर में हवाई सुविधा के विस्तार और बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में उन्नत करने की मांग को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का आंदोलन दीपावली के दिन भी जारी रहा। सात वर्षों से लगातार चल रहे इस जन आंदोलन के जरिए समिति ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष थमने वाला नहीं है।
गौरतलब है कि समिति के लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप बिलासपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में 72 सीटर एटीआर विमानों का संचालन हो रहा है और कुछ शहरों के लिए हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, समिति का कहना है कि यह सुविधा बिलासपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ की जरूरतों और विकास की आकांक्षाओं के लिहाज से नाकाफी है। क्षेत्र को देश के चारों महानगरों तक सीधी हवाई कनेक्टिविटी और बड़े विमानों के संचालन के लिए 4C श्रेणी के एयरपोर्ट की आवश्यकता है।
समिति ने कहा कि पिछले सात वर्षों में दीपावली सहित अनेक त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी आंदोलन कभी नहीं रुका। भीषण गर्मी हो या भारी बारिश, संघर्ष समिति के सदस्यों ने हर परिस्थिति में अपना आंदोलन जारी रखा है। इसके बावजूद राज्य और केंद्र सरकारों की ओर से प्रमुख मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होना नागरिकों के लिए निराशाजनक है।
समिति ने आरोप लगाया कि छोटे-मोटे कार्यों और एक-दो उड़ानों की शुरुआत कर बिलासपुर की हवाई सुविधा विस्तार की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। समिति ने सवाल उठाया कि जिस बिलासपुर संभाग से राज्य और केंद्र सरकारों को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है और जिस छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट लगभग दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, वहां बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में उन्नत करने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
समिति ने दोहराया कि बिलासपुर की हवाई सुविधा का सवाल केवल विमान सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास, व्यापार, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाओं और नागरिकों की बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ा हुआ है। निराशाजनक परिस्थितियों के बावजूद समिति ने बिलासपुर की अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को पूरी ताकत से जारी रखने का संकल्प दोहराया।
दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दिन भी आंदोलन जारी रखकर समिति ने सरकारों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि सात वर्षों से उठ रही मांगों को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता।
आज के महाधरने में रवि बनर्जी, बद्री यादव, ऋषि राज सिंह गौतम, समीर अहमद, बबला मोहन जायसवाल, देवेंद्र सिंह ठाकुर, प्रकाश बहरानी, केशव गोरख, शिरीष कश्यप, अभिषेक चौबे, विभूतिभूषण गौतम, आशुतोष शर्मा, महेश दुबे, टाटा, अनिल गुलहरे, रंजीत सिंह खनूजा, शाहबाज अली, अकील अली एवं सुदीप श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।
प्रधान संपादक