CBN36 जांजगीर-चांपा। नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर उसके साथ अनाचार करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी भुवनेश्वर कश्यप को कुल 29 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी पामगढ़ निरीक्षक मनोहर सिन्हा की प्रभावी विवेचना और साक्ष्य संकलन महत्वपूर्ण रहा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना पामगढ़ क्षेत्र के आरोपी भुवनेश्वर कश्यप ने नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन अनाचार किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर 2025 को थाना पामगढ़ में अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की थी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी पामगढ़ निरीक्षक मनोहर सिन्हा ने मामले की बारीकी से जांच की। इस दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई माननीय अपर सत्र न्यायालय एफटीएससी (पॉक्सो), जांजगीर में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और प्रकरण के तथ्यों के आधार पर आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत कुल 29 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा की गंभीरता से की गई विवेचना, साक्ष्य संकलन और प्रभावी पुलिस कार्रवाई के चलते आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधान संपादक