CBI की टीम मस्कट से लेकर पहुंची भारत, दो मामलों में दाखिल हो चुके हैं आरोपपत्र; ED भी कर रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
Cbn36 रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऑनलाइन सट्टेबाजी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटर और मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। सीबीआई की विशेष टीम उसे मस्कट से लेकर भारत पहुंची। अब सोमवार को उसे रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। उसके भारत आने के बाद महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर ओमान में पकड़ा गया
सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू की। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली।
दो CBI मामलों में वांछित, ED ने भी दाखिल की अभियोजन शिकायत
सौरभ चंद्राकर दो सीबीआई मामलों में वांछित है। इन मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। भारत पहुंचने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद उसे रायपुर लाया जाएगा, जहां सोमवार को विशेष सीबीआई अदालत में पेशी प्रस्तावित है।
म्यूल खातों और हवाला के जरिये विदेश भेजी जाती थी सट्टे की रकम
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में संचालित हो रहा था। इसके जरिये क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम सहित कई ऑनलाइन खेलों पर सट्टा लगाया जाता था। देश के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और शाखाओं के माध्यम से इस नेटवर्क का संचालन किया जाता था।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिये अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था। इसके बाद कई स्तरों पर लेनदेन कर हवाला नेटवर्क के माध्यम से रकम विदेश पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसियों ने सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि दिए जाने का आरोप भी लगाया है।
छत्तीसगढ़ की 13 FIR की जांच कर रही CBI
महादेव सट्टा ऐप मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग थानों में दर्ज 13 एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इसके बाद एजेंसी ने मामलों को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की। अब तक करीब 100 आरोपियों के खिलाफ आठ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें ऐप के प्रमोटर, पैनल संचालक, हवाला ऑपरेटर और कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल बताए गए हैं।
1700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है ED
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच कर रहा है। मार्च 2026 में ईडी ने दुबई और दिल्ली में करीब 1700 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। इनमें दुबई की लग्जरी विला, अपार्टमेंट और बुर्ज खलीफा स्थित संपत्तियां भी शामिल बताई गई हैं।
जूस की दुकान से अंतरराष्ट्रीय सट्टा नेटवर्क तक पहुंचा सौरभ
सौरभ चंद्राकर का नाम वर्ष 2023 में देशभर में चर्चा में आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क का विस्तार किया था। इससे पहले सौरभ के जूस की दुकान चलाने की बात भी सामने आई थी।
दुबई में उसकी भव्य शादी भी जांच का अहम चर्चा का विषय बनी थी। इस शादी में कथित तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई थी। अब ओमान से प्रत्यर्पण के बाद जांच एजेंसियां उससे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, विदेशों में मौजूद संपत्तियों, हवाला कारोबारियों और कथित संरक्षण तंत्र को लेकर पूछताछ करेंगी।
सौरभ की पेशी पर टिकी नजरें
सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उससे होने वाली पूछताछ पर है। माना जा रहा है कि पूछताछ में महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सबकी निगाहें सोमवार को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में होने वाली पेशी पर टिकी हैं।
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