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October 31, 2026 7:03 pm

सरपंच चुनाव में हार का बदला लेने के लिए रची हत्या की साजिश, 1.20 लाख में दी सुपारी; अपहरण कर गला घोंटा

एसएसपी भोजराम पटेल ने किया खुलासा,

आईजी रेंज राम गोपाल गर्ग ने पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की

मुंगेली में तुलसी साहू हत्याकांड का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार; स्टांप पेपर पर लिखवाया चुनावी धांधली का कबूलनामा, फिर कर दी हत्या

CBN36 मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरपंच चुनाव की रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में महज 8-9 वोटों से हारने के बाद मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले धनीराम साहू ने तुलसी साहू की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या को अंजाम देने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सुपारी तय की गई। पहले तुलसी का अपहरण किया गया, फिर पंप हाउस में ले जाकर उसके पैरों को बिजली के तार से बांधा और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को कीचड़ और झाड़ियों में छिपा दिया गया।

थाना सरगांव क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में हुए इस अंधेकत्ल का खुलासा करते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हत्या, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में मिला था शव

एसएसपी भोजराज पटेल ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे तुलसी साहू (32) अपने घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने के लिए निकला था। वहां से उसे अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वह न तो सरगांव पहुंचा और न ही घर लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।

26 अक्टूबर को चंदन साहू निवासी नगर पंचायत मारो ने थाना सरगांव में इसकी सूचना दी। परिजनों और पुलिस ने तलाश शुरू की तो तुलसी की मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 P 5824 ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। इसके बाद तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच तुलसी का शव मिला।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि तुलसी की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसके दोनों पैर पीले रंग के बिजली के तार से बंधे हुए थे। शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की गई थी। इसके बाद थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 238 में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

महज 8-9 वोटों से हारे धनीराम को था मतगणना में गड़बड़ी का शक

पुलिस की जांच में हत्या की वजह वर्ष 2025 का सरपंच चुनाव सामने आई। ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू सरपंच चुनाव में लगभग 8-9 वोटों से हार गया था। चुनाव में झुलुराम वर्मा सरपंच निर्वाचित हुए थे। मृतक तुलसी साहू मतगणना के दौरान झुलुराम वर्मा का अभिकर्ता था।

धनीराम को संदेह था कि मतगणना के दौरान तुलसी ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए थे, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर वह तुलसी से रंजिश रखने लगा था। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में उसने तुलसी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

साले को साथ लिया, दोस्त के जरिए 1.20 लाख में तय की सुपारी

पुलिस के मुताबिक, धनीराम ने हत्या की योजना में अपने साले भुवन साहू को शामिल किया। इसके बाद ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया। तुलसी का अपहरण करने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें से 70 हजार रुपये अग्रिम दिए गए।

योजना यह थी कि सुरेंद्र जोशी अपने साथियों के साथ तुलसी का अपहरण कर उसे धनीराम और उसके सहयोगियों तक पहुंचाएगा। इसके बाद तुलसी से सरपंच चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने वाला शपथपत्र स्टांप पेपर पर लिखवाकर उसका वीडियो बनाया जाएगा और फिर उसकी हत्या कर दी जाएगी।

कार से पहुंचे आरोपी, सुनसान सड़क पर बाइक रुकवाकर किया अपहरण

25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर और तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक CG 10 CE 2075 से सरगांव होते हुए ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचा।

रात करीब सात बजे तुलसी साहू मोटरसाइकिल से घर से निकला तो आरोपियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान सड़क देखकर आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल रुकवाई और जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।

इसके बाद धनीराम और उसका साला भुवन भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी मनियारी, सरगांव के पास मिले। धनीराम और भुवन मोटरसाइकिल से आगे-आगे चले, जबकि पीछे कार में तुलसी को लेकर सुरेंद्र और उसके साथी पहुंचे।

पंप हाउस में बंधक बनाकर लिखवाया स्टांप पेपर पर कबूलनामा

पुलिस के अनुसार, गणेश मिनरल्स के पहले पेण्ड्री ‘स’ की सड़क पर मोहभट्ठा निवासी टीकाराम साहू के ट्यूबवेल के पास तुलसी को कार से उतारा गया। सुरेंद्र और उसके साथी तुलसी तथा उसका मोबाइल धनीराम को सौंपकर वहां से निकल गए।

धनीराम का हार्वेस्टर टीकाराम के खेत में चल रहा था। इसी वजह से उसके पास ट्यूबवेल की चाबी थी। धनीराम और भुवन तुलसी को पंप हाउस के अंदर ले गए। वहां उसे डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टांप पेपर पर चुनाव में कथित गड़बड़ी स्वीकार करने संबंधी शपथपत्र लिखवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भुवन के मोबाइल से बनाया गया।

बिजली के तार से पैर बांधे, गमछे से घोंट दिया गला

पुलिस की विवेचना के अनुसार, स्टांप पेपर पर लिखवाने और वीडियो बनाने के बाद धनीराम और भुवन ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से तुलसी के दोनों पैर बांध दिए। इसके बाद गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया गया। तीनों ने मिलकर शव को घसीटते हुए मोटरसाइकिल तक पहुंचाया। फिर मोटरसाइकिल पर शव ले जाकर गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ में सड़क किनारे फेंक दिया और कांटेदार झाड़ियों से ढककर छिपा दिया।

जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर छिपाए; मोबाइल खेत में फेंका

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद धनीराम ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपा दिया। मृतक का मोबाइल फोन राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया गया। धनीराम ने अपना गमछा भी जला दिया।

अगले दिन वह टीकाराम के पास गया और ट्यूबवेल की चाबी वापस करते हुए घटना की जानकारी दी। टीकाराम के कहने पर मृतक का गमछा भी उसके घर के पास जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

पांच आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण और उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में थाना सरगांव एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने धनीराम साहू, भुवन साहू, ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत, सुरेंद्र जोशी और टीकाराम साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, विवेचना में इनकी भूमिका सामने आने के बाद हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं के साथ अपहरण की धारा 140(3) और आपराधिक षड्यंत्र की धारा 61(2) भारतीय न्याय संहिता भी जोड़ी गई।

पांचों आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

ये पांच आरोपी गिरफ्तार

  1. धनीराम साहू (40 वर्ष), पिता रामगोपाल साहू, निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  2. भुवन साहू (28 वर्ष), पिता बीपत राम साहू, निवासी किरना, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  3. ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25 वर्ष), पिता घनश्याम राजपूत, निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  4. सुरेंद्र जोशी (25 वर्ष), पिता रेशम लाल जोशी, निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर।
  5. टीकाराम साहू (53 वर्ष), पिता चौतराम साहू, निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।

ये सामग्री हुई जब्त

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टांप पेपर, स्टांप पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, निशान कार क्रमांक CG 10 CE 2075 और सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

आईजी ने पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की

अंधेकत्ल के इस मामले का खुलासा करने पर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नकद राशि से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक यादव, प्रधान आरक्षक उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल घोष, धर्मेंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक नोखेलाल कुर्रे, यशवंत डाहिरे, नरेश यादव, अशोक कौशिक, रवि जांगड़े तथा आरक्षक राहुल यादव, भेषज पाण्डेकर, परमेश्वर जांगड़े, राहुलकांत कश्यप, राकेश बंजारे, अतुल ठाकुर, हेमसिंह ठाकुर, रामकिशोर कश्यप, बसंत डाहिरे, रिपीन बनर्जी, अजय रावत, विश्वनाथ सिंह, पंकज निर्णेजक और अनिल मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी भोजराम पटेल का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और प्रकरण की आगे की जांच जारी है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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