CBN36 रायगढ़। जिले के पालकों ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा शनिवार को आयोजित होने वाली गतिविधियों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में शनिवार को सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक स्कूल संचालन की मांग की है। इस संबंध में पालकों ने जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग से छात्रहित में आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
पालकों का कहना है कि शनिवार को विद्यालयों में बैगलेस डे के तहत योग, प्राणायाम, व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी शिक्षा से आगे बढ़कर शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक रूप से विकसित करना है। ऐसे में इन गतिविधियों के लिए सुबह का समय अधिक अनुकूल और व्यावहारिक है।
पालकों ने सवाल उठाया है कि जब शनिवार को सामान्य दिनों की तरह नियमित विषयों की पढ़ाई के बजाय गतिविधि आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है, तो विद्यालयों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक क्यों किया जाए? शनिवार को सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक स्कूल लगाने से बच्चों को निर्धारित गतिविधियों में बेहतर भागीदारी का अवसर मिलेगा। साथ ही दोपहर का समय परिवार, स्वाध्याय, खेलकूद और अन्य रचनात्मक कार्यों के लिए उपलब्ध रहेगा।
शासन के आदेश और दूसरे जिले की व्यवस्था का दिया हवाला
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 सितंबर 2025 को जारी आदेश में एक पाली वाले विद्यालयों के लिए शनिवार का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया था। इसी तरह जांजगीर-चांपा जिले में भी जिला प्रशासन की पहल पर 3 जुलाई 2026 को शनिवार को सुबह विद्यालय संचालन की व्यवस्था लागू करने संबंधी आदेश जारी किया गया है। ऐसे में पालकों का मानना है कि रायगढ़ जिले में भी स्थानीय परिस्थितियों और विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जा सकती है।
अलग-अलग समय से संकुल स्तर की गतिविधियां भी प्रभावित
पालकों ने एक महत्वपूर्ण समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्तमान में संकुल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों का समय अलग-अलग होने से संकुल स्तर पर समन्वय बनाने में कठिनाइयां आ रही हैं। इसके कारण प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की अंतरविद्यालयीन सामूहिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। यदि शनिवार को सभी शासकीय विद्यालयों का समय एक समान निर्धारित कर दिया जाए, तो संकुल स्तर पर खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सामूहिक गतिविधियों का बेहतर आयोजन संभव हो सकेगा।
पालकों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देना और परीक्षा की तैयारी कराना नहीं है, बल्कि बच्चों की प्रतिभा, रुचि, अनुशासन, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व का समग्र विकास करना भी है। शनिवार को आयोजित गतिविधियां इसी उद्देश्य की पूर्ति का माध्यम हैं। इसलिए विद्यालय का समय भी इन गतिविधियों की प्रकृति के अनुरूप होना चाहिए।
पालकों ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि रायगढ़ जिले के सभी शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं अन्य विद्यालयों में शनिवार को सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक शाला संचालन का आदेश जारी किया जाए तथा पूरे जिले में एक समान व्यवस्था लागू की जाए।
पालकों की स्पष्ट मांग है कि शनिवार की सुबह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित होनी चाहिए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मांग पर कितना गंभीरता से विचार करते हैं और छात्रहित में क्या निर्णय लेते हैं।
प्रधान संपादक