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October 31, 2026 7:00 pm

प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन से मिलती है संघर्ष, त्याग, सेवा और मर्यादा की प्रेरणा : ओ.पी. चौधरी

“रायगढ़ में तीर्थयात्रा से लौटे 981 वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, श्रीरामचरित मानस पुस्तिका और व्यास वेदी भेंट कर किया गया अभिनंदन,एक लाख श्री रामचरित मानस पुस्तिकाएं वितरित करने के संकल्प को पूरा करने में जुटे वित्त मंत्री”

CBN36 रायगढ़। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग, सेवा, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए लोककल्याण के लिए समर्पित रहना ही प्रभु श्रीराम के जीवन की सबसे बड़ी सीख है।

श्री चौधरी रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थयात्रा कर लौटे जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों का उन्होंने सम्मान किया। इस दौरान सभी को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंटकर अभिनंदन किया गया। सम्मानित होने वालों में ग्रामीण क्षेत्रों के 861 तथा शहरी क्षेत्रों के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।

छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का भावनात्मक संबंध

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या का संबंध इस धरती से होने के कारण भगवान श्रीराम का छत्तीसगढ़ से विशेष सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव है। प्रदेश में उन्हें स्नेहपूर्वक भांचा राम कहा जाता है। भांचा के प्रति आदर और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन में पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, त्याग और लोककल्याण का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा, सद्भाव और सकारात्मकता को मजबूत करना चाहिए।

तीर्थ दर्शन योजनाओं से पूरा हो रहा वरिष्ठजनों का सपना

श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया है। वहीं सरकार के पहले बजट में श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की गई, जिससे प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का लाभ मिले और उनकी वर्षों पुरानी धार्मिक आकांक्षाएं पूरी हों। इन योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों को जीवन के इस पड़ाव पर एक ऐसा आध्यात्मिक अनुभव मिल रहा है, जिसकी वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे।

एक लाख मानस पुस्तिकाएं वितरित करने का संकल्प

वित्त मंत्री ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और कर्तव्यबोध से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार ने बुजुर्गों का तीर्थ दर्शन का सपना किया साकार

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से अनेक वरिष्ठ नागरिकों का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलना विशेष प्रसन्नता का विषय है। तीर्थयात्रा से लौटे बुजुर्गों के अनुभव और उनके चेहरों की खुशी इन योजनाओं की सार्थकता को दर्शाती है।

राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और श्री रामलला दर्शन योजना धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा एक लाख मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने के संकल्प की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल ने भी वरिष्ठजनों को तीर्थयात्रा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।

छह चरणों में अयोध्या पहुंचे रायगढ़ के श्रद्धालु

अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के वरिष्ठ नागरिकों को छह चरणों में अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। इसी अवधि में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत भी एक यात्रा आयोजित की गई। इन यात्राओं से लाभान्वित कुल 981 वरिष्ठ नागरिकों को समारोह में सम्मानित किया गया।

तीर्थयात्रा से लौटे बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि जीवन में अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकेंगे। राज्य सरकार की योजना ने उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी कर दी। उन्होंने यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुंदरकांड पाठ एवं सामूहिक हनुमान चालीसा से हुआ। वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा रामायण आरती में शामिल हुए। सुंदरकांड पाठ करने वाले दल के सदस्यों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे एवं उनकी टीम को भी स्मृति चिह्न और श्रीरामचरित मानस पुस्तिका भेंटकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल, नगर निगम सभापति डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महापौर जीवर्धन चौहान ने आभार व्यक्त किया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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