
मैड्रिड में स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक, जल प्रबंधन, स्वच्छता और स्मार्ट मोबिलिटी में भारत-स्पेन सहयोग बढ़ाने पर जोर
CBN36 मैड्रिड। भारत के शहरी विकास को वैश्विक निवेश और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्पेनिश उद्योग जगत को भारत में निवेश और तकनीकी साझेदारी का आमंत्रण दिया है। स्पेन की आधिकारिक यात्रा के दौरान मैड्रिड में स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में शहरी अधोसंरचना, जल प्रबंधन, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्मार्ट मोबिलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में तोखन साहू ने कहा कि भारत तेजी से आधुनिक, स्वच्छ, समावेशी और टिकाऊ शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में वैश्विक निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने स्पेनिश कंपनियों से भारत की शहरी विकास योजनाओं में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
4 लाख करोड़ के निवेश अवसरों की जानकारी दी

केंद्रीय मंत्री ने भारत सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता के माध्यम से अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्रों में लगभग ₹4 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक केंद्रीय सहायता तथा कम से कम 50 प्रतिशत वित्तपोषण बाजार से जुटाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी, बैंक ऋण और म्युनिसिपल बॉण्ड के जरिए स्पेनिश कंपनियों के लिए निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
जल प्रबंधन और डिसैलिनेशन तकनीक पर विशेष जोर

बैठक में जल सुरक्षा और पेयजल उपलब्धता को भविष्य के शहरों की बड़ी जरूरत बताते हुए साहू ने अमृत 2.0 योजना के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने स्पेन की कंपनी एक्कियोना (ACCIONA) की समुद्री जल को पेयजल में परिवर्तित करने वाली तकनीक और जल शोधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता का उल्लेख किया। साथ ही भारतीय शहरों में जल प्रबंधन और जल शोधन परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहयोग एवं निवेश की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
कचरे से ऊर्जा उत्पादन में स्पेन की तकनीक का उपयोग

स्वच्छ भारत मिशन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि शहरी ठोस कचरे के प्रसंस्करण की दर वर्ष 2014 के लगभग 16 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत अब कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पुनर्चक्रण और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। इस क्षेत्र में स्पेन की तकनीकी विशेषज्ञता भारतीय शहरों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में पायलट परियोजनाओं का प्रस्ताव

बैठक के दौरान तोखन साहू ने जल प्रबंधन, वेस्ट-टू-एनर्जी और स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्रों में दो से तीन पायलट परियोजनाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा। इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत और स्पेन की तकनीकी विशेषज्ञता तथा औद्योगिक अनुभव को धरातल पर उतारने और सफल मॉडल विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
साहू ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच साझेदारी केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश आधुनिक और सतत शहरों के निर्माण के साझा लक्ष्य की दिशा में भी मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2026 में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
बैठक में स्पेनिश उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई। इस संवाद से शहरी विकास के क्षेत्र में भारत और स्पेन के बीच औद्योगिक एवं तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई गई।
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