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November 8, 2026 7:20 pm

बस्तर में जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, बोले- नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई में देश ने हासिल की जीत

कहा– नक्सल प्रभावित बस्तर में अब विकास की बहार, सुरक्षा बलों के शौर्य और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा

Cbn36 रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ देश की दशकों पुरानी लड़ाई में मिली सफलता को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली देश के लिए विशेष है, क्योंकि यह पहली दिवाली है जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ अपनी लंबी लड़ाई में जीत हासिल कर चुका है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, त्याग, तपस्या और समर्पण को दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर की धरती कभी नक्सली आतंक के कहर से प्रभावित थी, लेकिन सुरक्षा बलों के बलिदान और अथक प्रयासों के कारण आज यहां आतंक का प्रभाव समाप्त हुआ है और विकास की नई शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों नागरिकों की ओर से वे जवानों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके साथ दीपावली मनाने पहुंचे हैं।

मोदी ने कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होते ही जनजीवन ठहर जाता था और लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था। नक्सलियों ने लोगों से मतदान का अधिकार तक छीन लिया था। उन्होंने दंतेवाड़ा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। इसी वर्ष 44 निर्दोष नागरिकों की भी हत्या कर दी गई थी। छत्तीसगढ़ में एक हजार से अधिक जवानों ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपना बलिदान दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में रणनीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ निर्णायक कदम उठाए गए। सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई। नक्सली संगठनों की फंडिंग, फेक करेंसी नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति पर चोट की गई। इसके परिणामस्वरूप नक्सलियों की आर्थिक और संगठनात्मक ताकत कमजोर हुई। उन्होंने कहा कि 47 वर्षों बाद पहली बार पिछले एक वर्ष में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के एक भी जवान की जान नहीं गई। यह देश की सही नीतियों और जवानों के शौर्य की जीत है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को भी प्राथमिकता दी गई। इन इलाकों में 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, साढ़े नौ हजार से ज्यादा मोबाइल टावर, करीब 175 एकलव्य विद्यालय और लगभग 50 आईटीआई स्थापित किए गए। इसके अलावा कौशल विकास केंद्र, डाकघर, बैंक शाखाएं और एटीएम खोले गए। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई, जिससे दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचीं।

प्रधानमंत्री ने गरीबी उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में भारत के 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, स्वच्छ भारत मिशन और हर घर जल जैसी योजनाओं को इस बदलाव का आधार बताया। उनके अनुसार गरीबों को मुफ्त दवाई, मुफ्त पढ़ाई और मुफ्त रसोई की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों से उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।

मोदी ने कहा कि नक्सलवाद का सबसे बड़ा नुकसान आदिवासी क्षेत्रों के विकास को हुआ। नक्सली स्कूल, अस्पताल, मोबाइल टावर और सड़क निर्माण जैसे कार्यों में बाधा डालते थे। बच्चों को शिक्षा और टीकाकरण से वंचित रखा जाता था तथा उद्योग और रोजगार के अवसरों को बाधित किया जाता था। सरकार ने सुरक्षा के साथ विकास का अभियान चलाकर इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन हो रहे हैं और बच्चे बंदूक के बजाय खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा समाप्त करना नहीं, बल्कि किसी मां की गोद सूनी होने से बचाना, युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना और किसी बच्चे को हथियार उठाने की राह पर जाने से रोकना रहा है।

हालांकि, प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि नक्सली हिंसा का अंत होने के बावजूद खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने तथाकथित ‘दिमागी नक्सलियों’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे तत्व आज भी संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। देश को ऐसे तत्वों को पहचानकर उनके मंसूबों को परास्त करना होगा।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता देश की नई उड़ान का आधार है। अब देश को गरीबी मुक्त, नशा मुक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग और परिश्रम को विकसित भारत की मजबूत नींव बताते हुए सभी जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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