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November 8, 2026 5:23 pm

स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान, रायपुर-बिलासपुर और बिल्हा होंगे सम्मानित

11 नवंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रदान करेंगी राष्ट्रीय पुरस्कार, स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में तीन शहरों का चयन

Cbn36 बिलासपुर। स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत प्रदेश के तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा का राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन किया गया है। आगामी 11 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन शहरों को सम्मानित करेंगी। तीन शहरों को एक साथ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से प्रदेश के नगरीय निकायों में उत्साह का माहौल है।

इस उपलब्धि को सफाई मित्रों की मेहनत, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयासों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम माना जा रहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर तीनों शहरों के चयन की औपचारिक जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों की टीमों तथा सफाई मित्रों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों प्रदेश के तीन शहरों का सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उन सफाई मित्रों के समर्पण और परिश्रम का भी प्रतीक है, जो प्रतिदिन शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में जुटे रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता के प्रति नई चेतना पैदा की है। स्वच्छता अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित जनआंदोलन बन चुकी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहरों में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिले।

सफाई मित्रों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच पर सम्मान

राष्ट्रीय सम्मान समारोह में इस बार स्वच्छता व्यवस्था को धरातल पर सफल बनाने वाले सफाई मित्रों और मैदानी कर्मचारियों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा। मंत्रालय ने चयनित शहरों के प्रतिनिधिमंडलों में सफाई मित्रों, स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों, अभियंताओं और स्वच्छता मिशन से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल करने का आमंत्रण दिया है। प्रत्येक पुरस्कार प्राप्त शहर से चार प्रतिनिधियों को मंच पर सम्मान ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।

समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहेंगे। इससे स्वच्छता व्यवस्था में प्रत्यक्ष योगदान देने वाले कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।

अन्य नगरीय निकायों के लिए बनेगी प्रेरणा

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने तीनों शहरों के चयन पर प्रसन्नता जताते हुए संबंधित नगरीय निकायों की टीमों, जनप्रतिनिधियों, सफाई मित्रों और नागरिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि बेहतर प्रबंधन, स्थानीय निकायों की सक्रियता और नागरिकों के सहयोग से स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि स्वच्छता किसी अभियान या सर्वेक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि शहरों की नियमित कार्यसंस्कृति और नागरिकों की जीवनशैली का हिस्सा बने। रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा को मिलने वाला राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

जनभागीदारी पर आधारित है स्वच्छता की नई पहल

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक सहभागिता को मजबूत करना है। तीनों शहरों का चयन इस बात को रेखांकित करता है कि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने में प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल पुरस्कार या प्रतियोगिता में स्थान पाने का विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा संकल्प है। घर, मोहल्ले, बाजार और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा को मिलने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के लिए उपलब्धि के साथ ही अन्य शहरों के सामने बेहतर स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की नई चुनौती भी पेश करता है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि राष्ट्रीय पहचान हासिल करने वाले ये शहर स्वच्छता के मानकों को आगे भी किस तरह कायम रखते हैं और प्रदेश के दूसरे नगरीय निकायों के लिए किस तरह उदाहरण बनते हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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