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April 16, 2026 11:26 pm

शिक्षा घोटाले में कार्रवाई शुरू, अंकित गौरहा की शिकायत से खुली परतें-अब बड़े चेहरों पर कब कार्रवाई?

छत्तीसगढ़ ।बिलासपुर में शिक्षा विभाग में लगभग 29.62 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना कोटा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए प्रकरण की जांच तेज कर दी है। यह मामला शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसकी शिकायत कांग्रेस नेता अंकित गौरहा द्वारा उच्च अधिकारियों से की गई थी।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट के आधार पर थाना कोटा में अपराध क्रमांक 171/2026 दर्ज किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की गई। आरोप है कि शासकीय कर्मचारी रहते हुए आरोपियों ने वेतन और भत्तों में कूट रचना कर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच 29 लाख 62 हजार 222 रुपये का गबन किया।

एक गिरफ्तार, एक फरार

मामले में पुलिस ने आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38 वर्ष), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, सहायक ग्रेड-02 के पद पर कार्यरत नवल सिंह पैकरा अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

कार्रवाई के बीच शिकायत में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा एवं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर विजय टांडे की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि अनियमितताओं का यह पूरा घटनाक्रम उनके कार्यकाल में हुआ, बावजूद इसके अब तक उनके विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इस बीच उनके पदोन्नति मिलने की जानकारी ने मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों का भी मामला

शिकायत में तीन फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों का मुद्दा भी शामिल है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और बाबू सुनील यादव पर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है। इससे जांच की दिशा और दायरे को लेकर संदेह जताया जा रहा है।

आगे भी जारी रहेगी लड़ाई: अंकित गौरहा

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि मामले में जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि अब तक की कार्रवाई केवल शुरुआत है और जब तक पूरे प्रकरण में शामिल सभी दोषियों पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच का दायरा बढ़ाकर उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों तक भी कार्रवाई पहुंचेगी या नहीं। मामला फिलहाल जांच के अधीन है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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