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April 14, 2026 11:35 pm

रायगढ़ में साइबर ठगी का सबसे बड़ा खुलासा,फर्जी मैट्रिमोनियल साइट से देशभर में 1.11 करोड़ की ठगी, 26 आरोपी गिरफ्तार

“साइबर ठगी करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी, आम नागरिक सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें-शशि मोहन सिंह, एसएसपी रायगढ़”

छत्तीसगढ़ ।14 अप्रैल। रायगढ़ जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर संचालित बड़े साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना पुलिस ने दरोगापारा स्थित दो केंद्रों पर छापेमारी कर 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा देशभर के 7,693 लोगों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।

जिले के एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह गिरोह लोक सेवा केंद्र की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा था। बाहर से दस्तावेज और लाइसेंस बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल बनाकर देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।

एसएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस शशि मोहन सिंह ने स्वयं टीम का नेतृत्व किया। उनके साथ एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा तथा साइबर और महिला थाना की संयुक्त टीम ने दोनों केंद्रों पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान एसडीएम और आरटीओ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

कॉल सेंटर और फर्जी प्रोफाइल के जरिए ठगी

जांच में सामने आया कि गिरोह यूट्यूब चैनल, फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर के माध्यम से नकली प्रोफाइल बनाता था। कॉल सेंटर के जरिए युवतियों द्वारा लोगों से संपर्क कर शादी के नाम पर फंसाया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, मीटिंग और अन्य शुल्क के नाम पर यूपीआई के माध्यम से रकम वसूली जाती थी।

7,693 लोगों से 1.11 करोड़ की ठगी

पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों से करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की ठगी की गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर जब्त किए हैं तथा 3 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

मुख्य आरोपी का पुराना रिकॉर्ड

मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ से जुड़े कार्य करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। पुलिस को मौके से फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ और शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहर के साक्ष्य भी मिले हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना एवं आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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