
“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज और परिवार दोनों की साझा जिम्मेदारी है,उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी बच्चे के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें”
रायगढ़, 29 मई। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर एक डेढ़ माह के मासूम बच्चे के साथ हो रही बेरहमी की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बचाया। पुलिस ने न केवल मासूम का उपचार कराया बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर कानूनी एवं संरक्षणात्मक प्रक्रिया भी पूरी कराई।
जानकारी के अनुसार 19 मई की शाम रेलवे स्टेशन के बाहर एक महिला छोटे बच्चे को लगातार मार रही थी। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने महिला को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद लोगों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई गौतम ठाकुर, आरक्षक गणेश पैंकरा एवं पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को महिला से सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।

पुलिस पूछताछ में महिला ने बच्चे को खरसिया से ट्रेन में लाने की बात कही। उसके व्यवहार और जवाबों से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। बच्चे को तत्काल केजीएच अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया, जहां महिला आरक्षक अनिता बेक ने भर्ती से लेकर देखभाल तक जिम्मेदारी निभाई। वहीं महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई। बाद में उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने की आशंका पर उसे सखी सेंटर में रखा गया।
जांच के दौरान महिला की पहचान इंदिरा नगर निवासी के रूप में हुई। उसके पति ने पुलिस को बताया कि महिला की मानसिक स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है और बच्चा उनका ही पुत्र है।
26 मई को बच्चे को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद महिला आरक्षक अनिता बेक ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने बच्चे के माता-पिता और परिजनों की काउंसलिंग कर समीक्षा के बाद बच्चे को अस्थायी रूप से पिता के सुपुर्द किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने 29 मई को पुनः काउंसलिंग और आवश्यक प्रक्रिया के लिए परिवार को बुलाया है।
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