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August 29, 2026 10:48 am

ऑपरेशन क्लीन हंट: फर्जी 10वीं की अंकसूची से डाकपाल की नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

ग्रामीण डाक सेवक भर्ती घोटाला: तीन लाख से अधिक की ठगी, कोरबा से दबोचा गया आरोपी,2013 में नकली नोट मामले में भी जा चुका है जेल

“एसएसपी शशि मोहन सिंह बोले गिरोहों पर होगी सख्त कार्रवाई,फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरियों में प्रवेश कराने वाले और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है,ऐसे किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा”

रायगढ़। ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती में फर्जी 10वीं की अंकसूची लगवाकर सरकारी नौकरी दिलाने और लाखों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को रायगढ़ पुलिस ने कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में इससे पहले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, जुलाई 2023 में भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के दौरान सक्ती निवासी नरेंद्र कुमार और जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने आवेदन में 10वीं की अंकसूची प्रस्तुत की थी। दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) के पद पर हुआ था। दस्तावेज सत्यापन के दौरान तमिलनाडु बोर्ड से जांच कराने पर दोनों अंकसूचियां फर्जी पाई गईं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर की शिकायत पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

तीन से साढ़े तीन लाख रुपये लेकर तैयार कराई फर्जी अंकसूची

जांच में गिरफ्तार दोनों अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर ने उनसे संपर्क किया था। आरोपी ने फर्जी अंकसूची उपलब्ध कराने के एवज में तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की। नरेंद्र कुमार ने 3.50 लाख रुपये दिए, जबकि सोनम साहू ने नौकरी मिलने के बाद भुगतान करने की बात कही थी। दोनों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज भर्ती प्रक्रिया में लगाए, लेकिन सत्यापन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई।

2013 में नकली नोट मामले में भी जा चुका है जेल

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर वर्ष 2013 में नकली नोट के मामले में 10 वर्ष की सजा काट चुका है। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने लगा। रायगढ़ में मामला दर्ज होने के बाद वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा।

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत कोरबा से गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर कोरबा में दबिश देकर विनोद कुमार राठौर (47) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फर्जी अंकसूचियों के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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