बिलासपुर।सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सीएमडी हरीश दुहन ने बुधवार को रामकृष्ण मिशन, बिलासपुर परिसर में कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सीएसआर योजना के अंतर्गत स्थापित मां सारदा चैरिटेबल डिस्पेंसरी का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री दुहन ने कहा कि एसईसीएल की सीएसआर पहलें केवल बुनियादी विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता का क्षेत्र बताते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाती हैं, बल्कि समुदाय के समग्र जीवन स्तर को भी बेहतर बनाती हैं।
एसईसीएल द्वारा लगभग 61.96 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस डिस्पेंसरी का संचालन रामकृष्ण मिशन, बिलासपुर द्वारा किया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

नवस्थापित डिस्पेंसरी में दंत चिकित्सा, सामान्य स्वास्थ्य परामर्श, बाल रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग तथा फिजियोथेरेपी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही यहां बुनियादी जांच एवं उपचार की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। निर्धारित ओपीडी के माध्यम से योग्य चिकित्सकों द्वारा नियमित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को विश्वसनीय और सतत स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।

उद्घाटन समारोह में एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, रामकृष्ण मिशन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
यह पहल बिलासपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एसईसीएल का यह प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
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