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June 9, 2026 11:50 am

तेज रफ्तार पर तीसरी आंख की नजर: बिलासपुर में 14 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर कार्रवाई

“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा सुरक्षित गति ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है। सड़क पर कुछ सेकंड की जल्दबाजी जीवनभर का पछतावा बन सकती है आईटीएमएस कैमरे, एएनपीआर तकनीक और स्पीड राडार गन से हो रही चौबीसों घंटे निगरानी, लापरवाह चालकों के लाइसेंस निलंबन की तैयारी”

छत्तीसगढ़ बिलासपुर। सड़क पर एक्सीलेटर दबाने से पहले अब वाहन चालकों को सावधान रहने की जरूरत है। बिलासपुर की सड़कों पर यातायात पुलिस की “तीसरी आंख” हर उस वाहन पर नजर रख रही है जो निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन कर रहा है या लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा है। अत्याधुनिक कैमरों, एएनपीआर तकनीक, स्पीड राडार गन और इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन वाहन चालकों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है जो तेज गति, खतरनाक स्टंट, रील बनाने या अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से स्वयं और दूसरों की जान को खतरे में डालते हैं।

550 से अधिक कैमरों की निगरानी में शहर

बिलासपुर शहर का लगभग पूरा आंतरिक क्षेत्र अब आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के 550 से अधिक अत्याधुनिक कैमरों की निगरानी में है। एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे वाहनों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और गलियों में निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों की जानकारी सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंच रही है।वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंटरसेप्टर वाहन, स्पीड राडार गन और स्पीडोमीटर की मदद से लगातार जांच की जा रही है। इसके चलते तेज गति से वाहन चलाने वालों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

पांच माह में 14,372 प्रकरण

यातायात पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से मई 2026 तक तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों के खिलाफ कुल 14,372 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

  • तेज गति से वाहन चलाने पर (धारा 112/183 एमवी एक्ट) : 4,809 प्रकरण
  • जल्दबाजी एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने पर (धारा 184 एमवी एक्ट) : 9,567 प्रकरण
  • कुल कार्रवाई : 14,372 प्रकरण

सभी उल्लंघनकर्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से चालान जमा करने हेतु नोटिस भेजी गई है।

लाइसेंस निलंबन की भी तैयारी

एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे ने बताया अभी भी ऐसे वाहन चालक है जो बार-बार गंभीर यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं, उनके विरुद्ध लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजे जा रहे हैं।

इसके अलावा सड़क पर स्टंट करने, रील बनाने या सार्वजनिक मार्गों पर असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न करने वाले मामलों को न्यायालय भेजा जा रहा है, जहां दोषी पाए जाने पर कठोर दंड भी दिया जा रहा है।

सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

यातायात विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना है। ऐसे में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और सड़क को स्टंट या रील बनाने का मंच न बनाएं। अन्यथा मोटर व्हीकल एक्ट के साथ-साथ आवश्यक होने पर अन्य कानूनी धाराओं के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।सुरक्षित गति ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है। सड़क पर कुछ सेकंड की जल्दबाजी जीवनभर का पछतावा बन सकती है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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