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April 1, 2026 1:36 pm

सीएमडी हरीश दुहन के नेतृत्व में एसईसीएल ने रचा कीर्तिमान, सीआईएल की एकमात्र कंपनी बनी जिसने तीनों प्रमुख मानकों में दर्ज की वृद्धि

176.2 मिलियन टन उत्पादन, 178.6 मिलियन टन प्रेषण एवं 364.3 एमसीयूएम ओवरबर्डन निष्कासन के साथ तीनों प्रमुख मानकों में कंपनी ने दर्ज की वृद्धि

“एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण और टीम भावना का परिणाम सभी को धन्यवाद ,एसईसीएल भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा”

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की ऐसी एकमात्र अनुषंगी कंपनी के रूप में पहचान बनाई है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण आफटेक एवं ओवरबर्डन निष्कासन ओबीआर तीनों प्रमुख मानकों में एक साथ सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। इस शानदार उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के दूरदर्शी नेतृत्व और कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दिया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में एसईसीएल ने 176.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत अधिक है। वहीं 178.6 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर कंपनी ने 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। ओवरबर्डन निष्कासन के क्षेत्र में भी कंपनी ने 364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर का अब तक का सर्वाधिक स्तर हासिल किया।

सीएमडी हरीश दुहन के नेतृत्व में कंपनी ने परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स को मजबूत करते हुए रेल माध्यम से प्रेषण में 16 प्रतिशत तथा एफएमसी के माध्यम से 28 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की। भूमि अधिग्रहण के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 358 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 867 प्रतिशत अधिक है।

पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एसईसीएल ने 13.96 लाख पौधरोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। साथ ही 43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर लगभग 41,200 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई गई। खदान जल के उपयोग से 3800 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुनिश्चित की गई।

क्षमता विस्तार के तहत कंपनी को 2.16 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त क्षमता के लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हुई, जबकि भविष्य के लिए 39.02 मिलियन टन क्षमता वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ। दुर्गापुर खुली खदान एवं अमृतधारा भूमिगत परियोजना जैसी नई परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है।

कोयला गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रेड पुष्टिकरण को 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया गया। ‘डिजीकोल’ जैसी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता को सुदृढ़ किया गया, जिसे केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा सराहा गया।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय का किया। वर्ष के दौरान 511 आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। साथ ही 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को भी रोजगार उपलब्ध कराया गया।

प्रशासनिक पारदर्शिता के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से 25,799 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीद की गई तथा विशेष अभियान 5.0 में लगातार तीसरी बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया गया।

तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम बनी, जिसने पेस्ट फिल तकनीक लागू की। औसतन 53.2 रेक प्रतिदिन कोयला प्रेषण कर परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया।

सीएसआर के तहत 365.39 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव पड़ा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कंपनी ने पूर्णतः महिला संचालित औषधालय एवं केंद्रीय भंडार इकाई स्थापित कर नई पहल की है।

इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसईसीएल भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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