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April 1, 2026 11:53 am

रायपुर में डेड ड्रॉप सिस्टम से चल रहा था ड्रग्स नेटवर्क, दिल्ली से ऑपरेट हो रहा सिंडिकेट बेनकाब

“मास्टरमाइंड ने बताया नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदते थे,अब पुलिस इस एंगल विस्तृत जांच कर रही है, रायपुर पुलिस ने युवाओं से की अपील,सिंथेटिक ड्रग्स से दूर रहें और इस तरह की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग मिल सके”

रायपुर।राजधानी रायपुर में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में डेड ड्रॉप सिस्टम जैसी नई तकनीक का उपयोग सामने आया है, जिसके जरिए ड्रग्स की सप्लाई बिना सीधे संपर्क के की जा रही थी।

पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मार्गदर्शन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट एएनटीएफ और थाना तेलीबांधा पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की।

डेड ड्रॉप सिस्टम से हो रही थी सप्लाई

जांच में सामने आया कि आरोपी सुनसान स्थानों पर ड्रग्स रखकर उसकी लोकेशन और वीडियो ग्राहकों को भेजते थे। ग्राहक वहां पहुंचकर ड्रग्स उठा लेते थे। इस पूरी प्रक्रिया में रैपिडो बाइक राइडर्स का उपयोग किया जा रहा था, जिससे नेटवर्क को ट्रेस करना कठिन हो रहा था।

दिल्ली से संचालित हो रहा था सिंडिकेट

पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन दिल्ली निवासी महेश सिंह खड़का और कुसुम हिन्दुजा कर रहे थे। दोनों आरोपी पूर्व में वर्ष 2024 में थाना खम्हारडीह में दर्ज ड्रग्स प्रकरण में जेल जा चुके हैं। वर्तमान में ये दिल्ली में रहकर पूरे सिंडिकेट को नियंत्रित कर रहे थे।

स्थानीय स्तर पर ऐसे काम कर रहा था नेटवर्क

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदते थे। इस एंगल पर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सिंथेटिक ड्रग्स से दूर रहें और इस तरह की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग मिल सके।

रायपुर में कुणाल मंगतानी कोरियर के माध्यम से ड्रग्स प्राप्त करता था। इसके बाद सौरभ यादव, शुभम राठौर और सौरभ डोंगरे जैसे रैपिडो राइडर ड्रग्स को तय स्थानों पर छोड़ते थे। इसके बदले में भुगतान विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से लिया जाता था।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

29 मार्च 2026 को काशीराम नगर क्षेत्र में पुलिस ने तीन रैपिडो राइडरों सौरभ डोंगरे शुभम राठौर सौरभ यादव को एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद कुणाल मंगतानी को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और पंचशील विहार से महेश सिंह खड़का एवं कुसुम हिन्दुजा को हिरासत में लेकर रायपुर लाया गया, जहां उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए कीमत लगभग 7 लाख रुपये 8 पार्टी पिल्स 9 मोबाइल फोन स्प्लेंडर मोटरसाइकिल CG 04 NG 8529 ड्रग्स सप्लाई में प्रयुक्त कुरियर बॉक्स बरामद किया है। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है।

आरोपियों की भूमिका 

इस पूरे मामले में महेश सिंह खड़का, कुसुम हिन्दुजा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड ,कुणाल मंगतानी कोरियर से ड्रग्स रिसीव करने वाला ,सौरभ यादव, शुभम राठौर, सौरभ डोंगरे रैपिडो राइडर के रूप में डिलीवरी करने वाले की भूमिका सामने आई है ।

आगे की जांच जारी

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदते थे। इस एंगल पर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सिंथेटिक ड्रग्स से दूर रहें और इस तरह की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग मिल सके।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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