
“आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग ने कहा कि एक सक्षम अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का जानकार होता है, बल्कि वह पीड़ित और न्याय व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु भी होता है,सेवानिवृत्ति के बाद भी श्री पाण्डेय अपने अनुभव से विभाग को मार्गदर्शन देते रहेंगे”
छत्तीसगढ़ बिलासपुर।अभियोजन और पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले संयुक्त संचालक अभियोजन बिलासपुर संभाग माखन लाल पाण्डेय सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस रामगोपाल गर्ग ने कहा कि पाण्डेय का कार्यकाल विभाग के लिए मार्गदर्शक रहा है।

आईजी कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह में आईजी गर्ग ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, और पाण्डेय ने इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाया। उन्होंने विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और दोषमुक्ति प्रकरणों की गहन समीक्षा कर पुलिस कार्यप्रणाली को भी मजबूती दी।
प्रभावी कार्यशैली से बनी अलग पहचान

करीब 30 वर्षों के सेवा काल में श्री पाण्डेय ने रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, धमतरी और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में कार्य करते हुए अभियोजन तंत्र को सुदृढ़ किया। फरवरी 2023 से बिलासपुर संभाग में पदस्थ रहते हुए उन्होंने अभियोजन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर कई मामलों में न्याय प्रक्रिया को गति दी।
आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग ने कहा कि एक सक्षम अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का जानकार होता है, बल्कि वह पीड़ित और न्याय व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु भी होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवानिवृत्ति के बाद भी श्री पाण्डेय अपने अनुभव से विभाग को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
समारोह के दौरान श्री पाण्डेय को श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने सेवा अनुभव साझा करते हुए विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सहयोग के लिए तत्पर रहने की बात कही।इस अवसर पर कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, धनेश्वरी दुबे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन मुख्य लिपिक संजय रावत ने किया।
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