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May 23, 2026 6:41 pm

हाई कोर्ट ने रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर के खिलाफ जारी चार्जशीट पर लगाई रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने विभाग द्वारा रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर के खिलाफ जारी आरोप पत्र की प्रभावशीलता और आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के रिटायरमेंट के तीन महीने बाद राज्य शासन ने जारी की थी चार्जशीट। याचिकाकर्ता ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया था।

रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर बीआर जोशी ने अधिवक्ता जितेंद्र पाली के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया, वर्ष 1993 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में नियुक्त हुए थे तथा बाद में पदोन्नत होकर संयुक्त आयुक्त के पद से 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए।
याचिका के अनुसार रिटायरमेंट के तकरीबन तीन महीने बाद, 9 अप्रैल 2026 को विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय चार्जशीट जारी कर जांच प्रक्रिया शुरू की। चार्जशीट में लगाए गए आरोप वर्ष 2004-05 और 2007-08 से जुड़े बताए गए हैं। याचिका में कहा गया है, संबंधित मामलों की जांच पहले ही सक्षम अधिकारियों, कलेक्टर और लोकायुक्त स्तर पर हो चुकी थी। जांच के बाद मामलों को बंद कर दिया गया था।
याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता जितेंद्र पाली ने कोर्ट को बताया, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 9 (2) (बी)(2) के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ ऐसे मामलों में विभागीय कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती जो चार वर्ष से अधिक पुराने हो। इसके अतिरिक्त, नियम 9(2)(बी)(1) के तहत राज्यपाल या सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है, जो इस मामले में प्राप्त नहीं की गई थी।
याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए, 9 अप्रैल 2026 को जारी चार्जशीट के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई के लिए पांच सप्ताह बाद की तिथि तय कर दी है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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