“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा है कि जांच यह भी देखा जाएगा कि क्या वाहन में वास्तव में कोई महिला मौजूद थी,क्या उसे उपचार हेतु ले जाया जा रहा था,ऐसी स्थिति पाई जाती है तो मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी यही नहीं जाँच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति को भी सार्वजनिक रूप से साझा किया जाएगा”
छत्तीसगढ़ बिलासपुर।सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि गर्भवती महिला को लेकर जा रहे वाहन पर यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए हैं तथा वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 12 मई 2026 को सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सकरी क्षेत्र में यातायात चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान दो व्यक्ति बिना हेलमेट के एक मोटरसाइकल में सकरी से मुंगेली की ओर जाते पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की हेलमेट संबंधी धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई थी।
बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिसे बाद में भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारी के साथ वायरल किया गया। वीडियो में मनगढ़ंत कहानी जोड़कर इसे इस प्रकार प्रस्तुत किया गया मानो गर्भवती महिला को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था और उसी स्थिति में पुलिस ने कार्रवाई की हो।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात को जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपीसिंह ने स्पष्ट कहा है कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या वाहन में वास्तव में कोई महिला मौजूद थी तथा क्या उसे उपचार हेतु ले जाया जा रहा था। यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है तो मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
एसएसपी सिंह ने कहा कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा भीषण गर्मी और तेज धूप में जनहित में ड्यूटी कर रहे यातायात अधिकारियों एवं जवानों का मनोबल बनाए रखना भी आवश्यक है। साथ ही बिना अधिकृत एवं सत्यापित जानकारी के भ्रामक वीडियो वायरल करना उचित नहीं है और इससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
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