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June 6, 2026 10:59 am

खेल, कला और अनुशासन से संवर रहा भविष्य : एसएसपी रजनेश सिंह की पहल बना बच्चों और युवाओं के लिए नई उम्मीद

“खेल मैदान में गूंज रहा उत्साह,पुलिस का समर कैंप बना बच्चों और युवाओं की नई पहचान,बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल”

छत्तीसगढ।गर्मी की छुट्टियां जहां अधिकांश बच्चों के लिए आराम और मनोरंजन का समय होती हैं, वहीं बिलासपुर में यही छुट्टियां अब कई बच्चों और युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। “आओ सवारें कल अपना” अभियान के तहत संचालित समर कैंप बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की राह पर आगे बढ़ा रहा है।

चेतना अभियान-अतुलनीय बिलासपुर, सुरक्षित बिलासपुर के अंतर्गत आयोजित इस विशेष पहल के केंद्र में हैं बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिन्होंने पुलिस की भूमिका को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए समाज निर्माण से भी जोड़ा है।

एसएसपी रजनेश सिंह की सोच : बच्चे नशे और अपराध से दूर रहें

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की सोच स्पष्ट है बच्चे और युवा अपनी ऊर्जा खेल, कला और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं ताकि वे मोबाइल की लत, नशे और आपराधिक गतिविधियों से दूर रह सकें। इसी उद्देश्य से स्कूलों की छुट्टियों के दौरान यह समर कैंप शुरू किया गया, जहां बच्चों को प्रशिक्षित कोचों और विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

एसएसपी रजनेश सिंह समय-समय पर स्वयं कैंप पहुंचकर बच्चों से चर्चा करते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी मौजूदगी बच्चों के लिए किसी प्रेरक मार्गदर्शक से कम नहीं दिखाई देती।

खेल मैदान में उभर रही नई प्रतिभाएं

पुलिस लाइन स्थित पुलिस ग्राउंड इन दिनों बच्चों की ऊर्जा और उत्साह से जीवंत नजर आता है। यहां हॉकी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, रनिंग, बैडमिंटन और तायक्वांडो जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कैंप में लगभग 35 बच्चे वॉलीबॉल, 40 बच्चे हैंडबॉल, 70 बच्चे हॉकी, 50 बच्चे रनिंग और करीब 70 बच्चे तायक्वांडो का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को केवल खेल ही नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और मानसिक मजबूती भी सिखाई जा रही है।

प्रशासन भी जुड़ा इस सकारात्मक पहल से,कलेक्टर पहुंचे बच्चो के बीच

इस अभियान की प्रभावशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन भी इससे जुड़ रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कैंप पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और योगा मैट वितरित कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं और युवतियों को भी मिल रहा प्रशिक्षण

“आओ सवारें कल अपना” अभियान के तहत पुलिस परिवार की महिलाओं और युवतियों के लिए सिलाई और क्राफ्ट प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा रहा है। नवीन पुलिस लाइन कार्यालय के मनोरंजन कक्ष में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में 60 से अधिक महिलाएं और युवतियां भाग ले रही हैं।यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके हुनर को पहचान देने का कार्य कर रहा है।

पुलिस की सकारात्मक छवि का मजबूत संदेश

यह अभियान केवल एक समर कैंप नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसे का मजबूत पुल बनता जा रहा है। खेल, कला और प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों और युवाओं को नई दिशा देने की यह पहल यह संदेश भी दे रही है कि पुलिस केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

आओ सवारें कल अपना अब बिलासपुर में एक ऐसे अभियान के रूप में उभर रहा है, जहां पुलिस बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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