एसएसपी शशि मोहन सिंह की बड़ी कार्रवाई, मन्नू नथानी गैंग से जुड़े 6 बड़े सट्टा संचालक गिरफ्तार

“पुलिस अब हवाला नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और सट्टा सिंडिकेट के अप-लिंक की जांच में जुटी ,एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सट्टा और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा”
छत्तीसगढ़ ।ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने मध्य भारत में फैले करोड़ों रुपये के सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया है। गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित किराए के विला में दबिश देकर पुलिस ने 6 बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के तार चर्चित मन्नू नथानी गैंग और दुबई से संचालित क्रिकेट बेटिंग आईडी नेटवर्क से जुड़े मिले हैं।
एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, डिजिटल साक्ष्य और हवाला लेनदेन से जुड़े अहम इनपुट जब्त किए हैं। आरोपियों द्वारा APK बेस्ड टीवी ऐप, कॉलिंग ऐप और ऑनलाइन बेटिंग आईडी के जरिए आईपीएल मैचों में करोड़ों का सट्टा संचालित किया जा रहा था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दुबई से मिलने वाली क्रिकेट बेटिंग आईडी महानगरों के जरिए रायगढ़, रायपुर, सक्ती और नागपुर तक पहुंचाई जाती थी। आरोपी कमीशन पर छोटे खाईवालों और प्लेयर्स को आईडी उपलब्ध कराते थे।
गोवा में गिरफ्तार आरोपियों में अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पुराने सट्टा नेटवर्क से जुड़े हैं और इनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं।
एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने कहा
रायगढ़ पुलिस संगठित अपराध, ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई कर रही है। जो भी व्यक्ति इस तरह के अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तकनीक आधारित अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब हवाला नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और सट्टा सिंडिकेट के अप-लिंक की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
गौर करने वाली बात यह है कि रायगढ़ के थाना कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 में शुरूआती कार्रवाई के दौरान करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे सट्टे के इस हाईटेक नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि यह महज स्थानीय स्तर का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों के लेन-देन और कई राज्यों तक फैले संगठित सट्टा सिंडिकेट का हिस्सा था, जिसमें तकनीक, फर्जी खातों और हवाला नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
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