रायपुर।ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रेंज साइबर थाना रायपुर ने डिजिटल अरेस्ट और म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली, कर्नाटक और राजनांदगांव से जुड़े आरोपी शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी द्वारा 18 म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया गया, जिनमें लगभग 10.76 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। इन खातों में देश के 17 राज्यों से 88 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग लिंक फ्रॉड, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, YONO APK फ्रॉड, पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड, क्रिप्टो ट्रेडिंग, फिशिंग, लॉटरी फ्रॉड, OTP शेयरिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, सिम स्वैपिंग, OLX फ्रॉड, होटल बुकिंग फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों में किया गया।
डिजिटल अरेस्ट कर 1.25 करोड़ की ठगी
पहले प्रकरण में प्रार्थी सपन कुमार को आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रखकर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया और उससे लगभग 1.25 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई।
इस मामले में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 22/26 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर होना पाया और तत्काल खातों को होल्ड कराया। न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 60 लाख रुपए पीड़ित को वापस कराए जा चुके हैं। मामले में आरोपी आर्यन सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
महिला को सीबीआई केस का डर दिखाकर 42 लाख की ठगी
दूसरे मामले में प्रार्थिया पुष्पा अग्रवाल को खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने सीबीआई जांच का भय दिखाया। पीड़िता को लगातार वीडियो कॉल पर रखकर लगभग 42 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई।
इस मामले में थाना कोतवाली रायपुर में अपराध क्रमांक 201/25 दर्ज किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी जितेंद्र कुमार को हुबली, कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कार्य करता है।
104 म्यूल अकाउंट मामले में एक और गिरफ्तारी
तीसरे प्रकरण में थाना सिविल लाइन रायपुर में दर्ज साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान 104 म्यूल बैंक खातों और मोबाइल सिम के इस्तेमाल का खुलासा हुआ। इस मामले में पहले ही 92 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
जांच के दौरान बैंक और मोबाइल सेवा प्रदाताओं से प्राप्त दस्तावेजों तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आरोपी राजदीप सिंह भाटिया उर्फ यश भाटिया को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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