
“एसएसपी आईपीएस डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध पुलिस कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा”
छत्तीसगढ़।जशपुर पुलिस के बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त 6 माह के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई है।
मामला थाना कुनकुरी क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की शिकायत पर आरोपी वासिफ अंसारी (29 वर्ष), निवासी सिमडेगा, झारखंड के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376(एन) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2019 से दिसंबर 2023 तक पीड़िता को शादी का झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता द्वारा शादी के लिए दबाव बनाने पर आरोपी 3 जनवरी 2024 को उसे छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद पीड़िता ने 19 जनवरी 2024 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को वर्ष 2024 में ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी एवं तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुनील सिंह द्वारा की गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अजीत रजक ने पैरवी की। पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय ने 15 मई 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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