
“पुलिस ग्राउंड में भव्य कार्यक्रम आयोजित ,जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी,एसएसपी रजनेश सिंह बोले-आम जनता को मिलेगा तेज और बेहतर सुरक्षा कवच”
छत्तीसगढ़।बिलासपुर जिले की आपातकालीन पुलिस सेवा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया। पुलिस ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 24 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में विधायक धर्मजीत सिंह अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया कलेक्टर संजय अग्रवाल, आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल-112 सेवा अब जिले में पहले से कहीं अधिक प्रभावी नजर आएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर बिलासपुर पुलिस के बेड़े में शामिल किए गए इन नए वाहनों से रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम को मजबूती मिलेगी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ेगी।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाई थी। इन्हीं में से 24 आधुनिक वाहन बिलासपुर जिले को आवंटित किए गए हैं।
वर्तमान में जिले के 19 थानों में डायल-112 वाहन तैनात हैं, जो सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। लेकिन लंबे समय से लगातार 24 घंटे उपयोग में रहने के कारण कई पुराने वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे, जिससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर असर पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुराने वाहनों की जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस नए वाहन तैनात किए जा रहे हैं।
जिले को मिले 24 वाहनों में से 19 वाहन सभी थानों में पुराने वाहनों के स्थान पर लगाए जाएंगे, जबकि पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां अपराध और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। इनमें सरकंडा, सिविल लाइन, तोरवा, कोतवाली और सकरी क्षेत्र शामिल हैं।
स्मार्टफोन, जीपीएस और डैश कैम से लैस हैं गाड़ियाँ

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में अतिरिक्त वाहनों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करना है। इससे दुर्घटना, अपराध या अन्य आपात स्थिति में पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एसएसपी सिंह ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह ‘हाईटेक’ हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और ‘SOS-112 इंडिया ऐप’ के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे।
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