
कर्तव्य, अनुशासन और निष्ठा की मिसाल बने अधिकारी का सम्मान, भावुक क्षणों में झलका सेवा का गौरव

“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा एएसआई जयराम सिदार का 39 वर्षों का सेवाकाल केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कर्तव्य सर्वोपरि होता है।उनकी कार्यशैली, अनुशासन और विनम्रता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी”
रायगढ़, 31 मार्च।चार दशक के करीब लंबे सेवाकाल के बाद जब एक पुलिसकर्मी वर्दी उतारता है, तो वह केवल नौकरी का अंत नहीं होता, बल्कि एक अनुशासित जीवन-यात्रा का गौरवपूर्ण पड़ाव होता है। ऐसा ही भावुक और गौरवशाली क्षण आज रायगढ़ पुलिस कार्यालय में एसएसपी शशि मोहन सिंह की मौजूदगी में देखने को मिला, जब सहायक उप निरीक्षक जयराम सिदार 39 वर्षों की निष्कलंक सेवा पूर्ण कर ससम्मान सेवानिवृत्त हुए।
विभागीय परंपरा के अनुरूप आयोजित सेवा सम्मान समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें पुष्पमालाओं से सम्मानित करते हुए भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावनाओं से सराबोर रहा, जहां साथियों ने उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।
संघर्ष से समर्पण तक: 1987 से शुरू हुई प्रेरक यात्रा

रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने उनके सेवाकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि श्री सिदार ने वर्ष 1987 में आरक्षक के रूप में पुलिस विभाग में कदम रखा था। एक साधारण शुरुआत से लेकर सहायक उप निरीक्षक तक का उनका सफर निरंतर मेहनत, ईमानदारी और प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा।उन्होंने सिटी कोतवाली, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार तथा सारंगढ़ जैसे विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2012 में प्रधान आरक्षक तथा 2021 में एएसआई पद पर पदोन्नत होकर उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन और अधिक जिम्मेदारी के साथ किया। जांजगीर-चांपा में सेवाएं देने के बाद पुनः रायगढ़ लौटकर रक्षित केंद्र में पदस्थ रहे।
कर्तव्य के साथ परिवार का संतुलन: एक आदर्श जीवन
धरमजयगढ़ तहसील के ग्राम नवागांव के मूल निवासी श्री सिदार वर्तमान में चक्रधरनगर में निवासरत हैं।उनका पारिवारिक जीवन भी उतना ही प्रेरणादायक रहा एक पुत्र शिक्षक है, दोनों पुत्रियां एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण कर चुकी हैं और छोटा पुत्र अध्ययनरत है। यह उनके संतुलित जीवन और पारिवारिक मूल्यों का परिचायक है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा सेवानिवृत्ति अंत नहीं, सम्मान का नया अध्याय है
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा लंबे सेवाकाल के बाद सम्मान पूर्वक सेवानिवृत्ति किसी भी पुलिसकर्मी के अनुशासन, समर्पण और परिवार के सहयोग का प्रमाण होती है। जयराम सिदार ने अपने पूरे कार्यकाल में इन मूल्यों को जीवंत रखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि श्री सिदार सदैव पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे और विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। साथ ही पेंशन एवं अन्य देयकों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
भावनाओं से भरा विदाई समारोह

समारोह में डीएसपी उन्नति ठाकुर, मुख्य लिपिक निरीक्षक (अ) त्रिलोचन मालाकार, निरीक्षक (अ) जमुना प्रसाद चेलकर सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे, जिससे विदाई का क्षण और अधिक भावुक और स्मरणीय बन गया।
एक विरासत, जो प्रेरणा बनकर जीवित रहेगी

एएसआई जयराम सिदार का 39 वर्षों का सेवाकाल केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कर्तव्य सर्वोपरि होता है।उनकी कार्यशैली, अनुशासन और विनम्रता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।
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