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February 12, 2026 11:31 pm

एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप, बेलतरा में लगातार सामने आ रहे मामले

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने पकड़ी गड़बड़ी, आठ मतदाताओं के नाम विलोपित कराने की कोशिश का दावा

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम विलोपित किए जाने के मामलों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बेलतरा से कांग्रेस विधानसभा उम्मीदवार विजय केशरवानी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का सिलसिला सुनियोजित तरीके से लगातार जारी है।

विजय केशरवानी के अनुसार, बुधवार के बाद गुरुवार को भी एक नया मामला सामने आया, जिसमें आठ महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 भरकर बीएलओ को जमा किया गया। उन्होंने दावा किया कि आवेदनकर्ता के रूप में जिस महिला का नाम ‘पुष्पा’ दर्ज है, उसकी जांच करने पर ऐसा कोई व्यक्ति अस्तित्व में नहीं पाया गया।

विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि फर्जी नाम का उपयोग कर विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय एवं कमजोर वर्ग के मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के इशारे पर जिला निर्वाचन से जुड़े अधिकारी कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह केवल मतदाता सूची से नाम विलोपित करने का मामला नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से गरीब और निचले तबके के लोगों को केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। विजय के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी की जा रही है, वे मुस्लिम, ईसाई एवं अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े हैं और वर्षों से उसी क्षेत्र में निवासरत हैं।

विजय केशरवानी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने के बाद ऐसे लोग न केवल मतदान के अधिकार से वंचित होंगे, बल्कि सरकारी सर्वे सूचियों में भी उनका नाम शामिल नहीं हो पाएगा, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित मतदाताओं को योजनाबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कल्याणकारी योजनाओं से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है।

बीएलओ और निर्वाचन अधिकारियों से अपील

विजय केशरवानी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं समस्त बीएलओ से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में न आएं। उन्होंने कहा कि किसी गरीब या पिछड़े वर्ग के मतदाता का नाम यदि राजनीतिक साजिश के तहत हटाया जाता है, तो यह लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध गंभीर अपराध होगा।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम केवल चुनाव के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सामाजिक और आर्थिक अधिकारों से जुड़ा होता है। इसलिए किसी भी मतदाता के साथ अन्याय न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

बूथ क्रमांक 194 का मामला

विजय केशरवानी ने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के एक वार्ड स्थित बूथ क्रमांक 194 में आठ महिला मतदाताओं के नाम मृत अथवा बाहरी बताकर विलोपित करने के लिए फॉर्म-7 भरा गया। जबकि इन सभी महिलाओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हैं और वे वर्तमान में जीवित हैं तथा वर्षों से उसी क्षेत्र में रह रही हैं।

इस मामले को लेकर विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मतदाताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर फॉर्म-7 को निरस्त करने और संबंधित नामों को पुनः मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की।

117 मतदाताओं के नाम हटाने का मामला

इससे पहले बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के एक वार्ड में अल्पसंख्यक समुदाय के 117 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए जाने का मामला सामने आया था। विजय केशरवानी के अनुसार, यह आवेदन भी एक फर्जी व्यक्ति के नाम से जमा किया गया था। इस मामले को लेकर बुधवार को कलेक्टोरेट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।

विजय केशरवानी ने कहा कि कांग्रेस इन मतदाताओं के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन और कानूनी स्तर तक संघर्ष करेगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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