बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र के लाखासार गांव में एक गृहणी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने जांच के बाद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस ने महिला के प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपित युवक महिला से लगातार पैसों की मांग करता था और उसके सोने-चांदी के जेवर भी गिरवी रखवा दिए थे। जेवर वापस नहीं मिलने और लगातार मानसिक दबाव के चलते महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि लाखासार निवासी रंजिता यादव (उम्र लगभग 35 वर्ष) गृहणी थीं और उनके दो बच्चे हैं। 19 जनवरी को रंजिता ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के दौरान मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मृतका के परिजन, रिश्तेदारों और परिचितों के बयान दर्ज किए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि रंजिता यादव का तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खैरी निवासी सौरभ विश्वास से लंबे समय से प्रेम संबंध था। इस संबंध के दौरान सौरभ द्वारा रंजिता से बार-बार पैसों की मांग की जाती थी। पति और परिवार से छिपाकर महिला उसकी मांगें पूरी करती रही। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सौरभ ने रंजिता के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखवाकर उससे रकम ली थी। जब महिला ने अपने गिरवी रखे गए जेवर वापस मांगने शुरू किए तो आरोपित लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में उसने जेवर लौटाने से साफ इंकार कर दिया और पैसों को लेकर उस पर दबाव बनाता रहा। इस कारण रंजिता मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, मैसेज, चैट और मृतका के परिजनों के बयान के आधार पर सौरभ विश्वास की भूमिका को संदिग्ध पाया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज कर लिया है।
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