बिलासपुर। साइबर ठगों ने व्यवसायी को निशाना बनाते हुए क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम उड़ा ली। जालसाजों ने बैंक क्रेडिट कार्ड से फर्जी कॉल और लिंक के जरिए एक लाख 68 हजार 720 रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर तारबहार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विनोबा नगर में रहने वाले सुमित जैन (42) ने तारबहार पुलिस को बताया कि उनके पास बैंक का क्रेडिट कार्ड है। दो फरवरी की दोपहर करीब दो बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान एक्टिवेट हो गया है। पीड़ित ने कॉल करने वाले को बताया कि उन्होंने कोई भी इंश्योरेंस प्लान नहीं लिया है। इस पर आरोपी ने झांसा देते हुए कहा कि प्लान को डिएक्टिवेट करने के लिए वह एक लिंक भेज रहा है और लिंक खोलते ही डिएक्टिवेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने जैसे ही मोबाइल पर आए लिंक को खोला, उसी दौरान उनके क्रेडिट कार्ड खाते से एक लाख 68 हजार 720 रुपये की राशि अपने आप कट गई। कुछ ही देर बाद पीड़ित के मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का मैसेज आया, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर अपने क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही मामले की सूचना साइबर सेल और तारबहार थाने को दी।
बातों में उलझाकर खुलवाया लिंक, फिर उड़ाए रुपये
पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि ठगों ने बेहद शातिर तरीके से बातों में उलझाकर उनसे लिंक खुलवाया और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग गिरोह लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर कॉल डिटेल और लिंक से जुड़े डिजिटल ट्रेस कर रही है।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी सुझाव
अनजान कॉल और लिंक से रहें दूर
किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल, मैसेज या लिंक को बिना जांचे न खोलें।
बैंक या इंश्योरेंस कंपनी कभी लिंक नहीं भेजती
कोई भी बैंक या बीमा कंपनी फोन पर लिंक भेजकर जानकारी नहीं मांगती।
ओटीपी और कार्ड डिटेल कभी साझा न करें
क्रेडिट-डेबिट कार्ड नंबर और मोबाइल पर ओटीपी किसी को भी न बताएं।
ठगी का शक होते ही तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं
जरा सा भी संदेह होने पर बैंक कस्टमर केयर से संपर्क करें।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत करें
समय रहते शिकायत करने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रधान संपादक


